RAS प्रश्न
अचलगढ़ का शिलालेख किस देवता का उल्लेख करता है?
सही उत्तर: (D) भगवान शिव (अचलेश्वर महादेव)।
अचलगढ़ के शिलालेख में भगवान शिव को अचलेश्वर महादेव कहा गया है। अभिलेख में उनका नाम अचलेश्वर देव है और शम्भु के रूप में उनका आह्वान किया गया है।
व्याख्या
अचलगढ़ के शिलालेख में वैष्णव परंपरा, ब्रह्मा या लक्ष्मी से जुड़े किसी देवता के बजाय शिव का उल्लेख है। एपिग्राफिया इंडिका, खंड 39 में इसे अचलगढ़ के अचलेश्वर महादेव मंदिर के सभामंडप में लगी काले पत्थर की पटिया बताया गया है। लेख के आरंभ में अचलेश्वर देव को प्रणाम किया गया है और फिर शिव के ही एक नाम शम्भु का आह्वान है। राजस्थान पर्यटन के अनुसार माउंट आबू के पास अचलगढ़ किले के बाहर स्थित अचलेश्वर महादेव मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। राजस्थान पर्यटन अचलगढ़ किले का आरंभिक संबंध परमारों से भी बताता है और कहता है कि महाराणा कुम्भा ने 1452 ईस्वी में उसका पुनर्निर्माण कर उसे अचलगढ़ नाम दिया। इसलिए अचलेश्वर और शम्भु, दोनों नामों से स्पष्ट है कि यहाँ भगवान शिव का उल्लेख है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) अचलगढ़ के शिलालेख में भगवान ब्रह्मा का नाम देवता के रूप में नहीं है। लेख के आरंभ में अचलेश्वर देव को प्रणाम किया गया है और शम्भु का आह्वान है; दोनों नाम शिव के हैं।
- (B) अचलगढ़ के शिलालेख में देवी लक्ष्मी का उल्लेख नहीं है; अभिलेख में अचलेश्वर महादेव का नाम मिलता है।
- (C) भगवान विष्णु वाला विकल्प सही नहीं है, क्योंकि शिलालेख में आए अचलेश्वर और शम्भु नाम अचलेश्वर महादेव यानी शिव की ओर संकेत करते हैं।
अवधारणा
यह प्रश्न राजस्थान के मंदिरों से जुड़े शिलालेखों में देवताओं की पहचान परखता है, खासकर अचलेश्वर महादेव जैसे स्थानीय धार्मिक नामों के आधार पर। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं, क्योंकि दुर्ग, मंदिर और शिलालेख मिलकर राजस्थान की मध्यकालीन राजनीति, कला-संस्कृति, धार्मिक जीवन और स्थानीय परंपराओं की जानकारी देते हैं।
