RAS प्रश्न
शेखावाटी क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण किसान आंदोलन हुआ। मुख्य मुद्दा क्या था?
सही उत्तर: (A) उच्च भू-राजस्व और बेगार (जबरी श्रम)।
शेखावाटी किसान आंदोलन का मुख्य मुद्दा जागीरदारों द्वारा लगाया गया ऊंचा भू-राजस्व, अनेक कर और बेगार था।
व्याख्या
शेखावाटी में किसान आंदोलन जागीरदारी व्यवस्था और सामंती शोषण के खिलाफ उभरा। भूमि-अधिकारों की अस्पष्टता, अत्यधिक भू-राजस्व और कर, अकाल, बेगार तथा जागीरदारों का सामाजिक भेदभाव किसानों की मुख्य चिंताएं थीं। सीकर ठिकाने और जयपुर राज्य में किसानों पर भू-राजस्व तथा अन्य करों का बहुत भारी बोझ था; दरें जागीरदार मनमाने ढंग से तय और बदलते थे। कई जगह भू-राजस्व अनुमानित उत्पादन के आधे या उससे भी अधिक तक पहुंच सकता था। इसके साथ किसानों से बिना मजदूरी के श्रम सेवाएं भी ली जाती थीं। आंदोलन के वास्तविक आर्थिक और सामाजिक कारण ऊंचा भू-राजस्व, अनेक कर और बेगार थे।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) धार्मिक धर्मांतरण इस आंदोलन की मुख्य शिकायत नहीं था; जागीरदारी शोषण, भू-राजस्व, कर और बेगार इसके केंद्रीय मुद्दे थे।
- (C) खनन विवाद इस प्रसंग का केंद्रीय मुद्दा नहीं था, क्योंकि शेखावाटी किसान आंदोलन भूमि-प्रशासन, कर-बोझ और जागीरदारों की जबरन श्रम मांगों से जुड़ा था।
- (D) पानी के उपयोग पर कर जैसे बोझ मौजूद थे, पर आंदोलन का मुख्य प्रश्न जल अधिकार विवाद नहीं, बल्कि ऊंचा भू-राजस्व, अन्य कर और बेगार था।
अवधारणा
राजस्थान के किसान आंदोलन और जागीरदारी व्यवस्था का सामाजिक-आर्थिक शोषण क्षेत्रीय इतिहास को भूमि-संबंध, कर-व्यवस्था और जन-आंदोलन से जोड़ता है। RAS में ऐसे प्रसंग बार-बार आते हैं।
