RAS प्रश्न
भारत के सेमीकंडक्टर मिशन का लक्ष्य क्या है:
सही उत्तर: (A) भारत में सेमीकंडक्टर विनिर्माण और डिजाइन का पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करना।
भारत सेमीकंडक्टर मिशन का लक्ष्य भारत में सेमीकंडक्टर विनिर्माण, डिस्प्ले विनिर्माण और सेमीकंडक्टर डिजाइन पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है।
व्याख्या
भारत सेमीकंडक्टर मिशन दिसंबर 2021 में 76,000 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ शुरू किया गया। प्रेस सूचना ब्यूरो के अनुसार यह मिशन डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन के भीतर स्वतंत्र इकाई के रूप में भारत की दीर्घकालीन रणनीति बनाता और आगे बढ़ाता है, ताकि देश में सेमीकंडक्टर तथा डिस्प्ले विनिर्माण सुविधाएं और सेमीकंडक्टर डिजाइन पारिस्थितिकी तंत्र विकसित हो। इसी कारण विकल्प A सही है: मिशन का केंद्र घरेलू विनिर्माण और डिजाइन क्षमता बनाना है, आयात रोकना या मुफ्त इलेक्ट्रॉनिक्स बांटना नहीं। इसी दिशा में माइक्रोन (गुजरात), टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और CG पावर की परियोजनाएं स्वीकृत हो चुकी हैं। मिशन सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम के कार्यान्वयन की नोडल एजेंसी भी है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) मिशन का उद्देश्य सेमीकंडक्टर आयात पर प्रतिबंध लगाना नहीं है; इसका जोर भारत में विनिर्माण, डिस्प्ले विनिर्माण और डिजाइन पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने पर है।
- (C) सभी इलेक्ट्रॉनिक सामानों का निर्यात कराना इस मिशन का घोषित लक्ष्य नहीं है; यह सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले विनिर्माण तथा डिजाइन पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़ा है।
- (D) नागरिकों को मुफ्त इलेक्ट्रॉनिक्स देना मिशन की परिधि में नहीं आता; यह कंपनियों, निवेश और सेमीकंडक्टर-डिस्प्ले क्षेत्र की उत्पादन तथा डिजाइन क्षमता से संबंधित है।
अवधारणा
औद्योगिक नीति और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण से जुड़े सरकारी कार्यक्रमों की समझ RAS के लिए महत्त्वपूर्ण है। ऐसे कार्यक्रम आत्मनिर्भरता, निवेश और मूल्य-श्रृंखला निर्माण जैसे अर्थव्यवस्था के मुख्य मुद्दों से सीधे जुड़े हैं।
