RAS प्रश्न
वैशाली में दूसरी बौद्ध संगीति (383 ईसा पूर्व) किसलिए बुलाई गई?
सही उत्तर: (B) विनय यानी भिक्षु-संघ के नियमों पर विवाद सुलझाना, जिससे पहला विभाजन हुआ।
वैशाली में 383 ईसा पूर्व हुई दूसरी बौद्ध संगीति विनय, यानी भिक्षु-संघ के अनुशासन, से जुड़े 10 छोटे नियमों पर विवाद सुलझाने के लिए बुलाई गई थी।
व्याख्या
दूसरी बौद्ध संगीति बुद्ध की मृत्यु के लगभग 100 वर्ष बाद, 383 ईसा पूर्व के आसपास, वैशाली में कालाशोक के शासनकाल में हुई और सबाकामी इसके अध्यक्ष थे। इसका मुख्य कारण भिक्षु-संघ के अनुशासन में शिथिलता और विनय की व्याख्या से जुड़े विवाद थे, खासकर 10 छोटे नियमों को लेकर। संगीति ने इन प्रथाओं को मान्य नहीं माना। इसके बाद संघ में मतभेद गहरा गया: स्थविर मूल शिक्षाओं और कठोर अनुशासन पर जोर देते थे, जबकि महासांघिक अपेक्षाकृत उदार दृष्टि रखते थे। इसी कारण यह संगीति बौद्ध धर्म के पहले बड़े विभाजन से जुड़ी मानी जाती है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) जातक कथाएँ लिखना दूसरी बौद्ध संगीति का उद्देश्य नहीं था; दूसरी संगीति विनय और संघ-अनुशासन के 10 छोटे नियमों के विवाद से जुड़ी थी।
- (C) अभिधम्म पिटक का औपचारिक संकलन तीसरी बौद्ध संगीति से जुड़ा है, जबकि दूसरी संगीति वैशाली में विनय-विवाद पर केंद्रित थी।
- (D) श्रीलंका में बौद्ध धर्म फैलाना इस संगीति का कारण नहीं था; दूसरी संगीति का कारण संघ-अनुशासन और विनय की व्याख्या पर विवाद था।
अवधारणा
प्राचीन भारतीय इतिहास में बौद्ध संगीतियों, विनय और बौद्ध संघ के विभाजन की समझ जरूरी है। RAS में यह विषय इसलिए बार-बार आता है क्योंकि संगीति-क्रम से ग्रंथ-संकलन, संप्रदाय-विभाजन और बौद्ध धर्म के विकास को अलग-अलग पहचाना जाता है।
