RAS प्रश्न
अनुच्छेद 352 के अंतर्गत आपातकाल की उद्घोषणा में राष्ट्रपति की संतुष्टि कैसी होती है?
सही उत्तर: (C) 44वें संशोधन के बाद न्यायिक समीक्षा के अधीन (मिनर्वा मिल्स ने इसकी पुष्टि की)।
44वें संशोधन के बाद अनुच्छेद 352 के अंतर्गत आपातकाल की उद्घोषणा में राष्ट्रपति की संतुष्टि न्यायिक समीक्षा के अधीन है।
व्याख्या
इस प्रश्न का केंद्र यह है कि अनुच्छेद 352 में राष्ट्रपति की संतुष्टि को अदालत से पूरी तरह बाहर नहीं माना जा सकता। 38वें संशोधन ने इसे न्यायिक समीक्षा से बाहर किया था, पर 44वें संशोधन ने वह स्थिति बदल दी। मिनर्वा मिल्स में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि अनुच्छेद 352 के अंतर्गत राष्ट्रपति की आपातकालीन उद्घोषणा की वैधता की न्यायिक समीक्षा पर कोई रोक नहीं है। अदालत तथ्यों की पर्याप्तता या राजनीतिक आकलन की जगह नहीं लेती, पर यह देख सकती है कि संतुष्टि दुर्भावनापूर्ण तो नहीं थी या पूरी तरह बाहरी और अप्रासंगिक आधारों पर तो नहीं बनी। इसलिए सही बात सीमित न्यायिक समीक्षा है, न कि पूर्ण छूट।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) समीक्षा केवल CJI द्वारा नहीं होती, क्योंकि प्रश्न अदालत की संवैधानिक जांच का है, किसी एक पदाधिकारी की निजी समीक्षा का नहीं।
- (B) यह विकल्प 38वें संशोधन वाली स्थिति को अंतिम मानता है, जबकि 44वें संशोधन ने न्यायिक समीक्षा से बाहर रहने की स्थिति बदल दी।
- (D) संसद की भूमिका आपातकालीन उद्घोषणा के अनुमोदन से जुड़ सकती है, लेकिन मिनर्वा मिल्स ने वैधता पर न्यायालय की सीमित जांच को भी स्वीकार किया।
अवधारणा
यह प्रश्न आपातकालीन उपबंधों, संवैधानिक नियंत्रण और न्यायिक समीक्षा के संतुलन को जांचता है। RAS में यह इसलिए बार-बार आता है क्योंकि 38वें और 44वें संशोधन के अंतर से कार्यपालिका की शक्ति की सीमा साफ होती है।
