RAS प्रश्न
राजस्थान का रामस्नेही पंथ किसने स्थापित किया?
सही उत्तर: (D) संत रामचरण जी।
राजस्थान के रामस्नेही पंथ की स्थापना 18वीं शताब्दी में संत रामचरण जी ने की थी।
व्याख्या
रामस्नेही पंथ की पहचान में दो मुख्य बातें हैं: संस्थापक और केंद्र। राजस्थान जिला गजेटियर, करौली में रामस्नेही पंथ के संदर्भ में शाहपुरा की पीठ का उल्लेख है और स्वामी रामचरणजी महाराज इसके प्रवर्तक माने गए हैं। पंथ की स्थापना 18वीं शताब्दी में संत रामचरण जी ने की और इसका मुख्य केंद्र शाहपुरा (भीलवाड़ा) है। पंथ का जोर राम, यानी निराकार ईश्वर, की भक्ति पर है। इसकी चार शाखाएँ शाहपुरा, रेण, सिंथल और खेड़ापा मानी जाती हैं। इसलिए संत रामचरण जी ही सही उत्तर हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) जांभोजी रामस्नेही पंथ के संस्थापक नहीं हैं; उनका संबंध बिश्नोई पंथ की स्थापना से है।
- (B) दादू दयाल अलग दादू पंथ के संस्थापक माने जाते हैं, इसलिए उन्हें रामस्नेही पंथ का प्रवर्तक मानना पंथ-परंपराओं को मिला देना होगा।
- (C) लालदास जी से जुड़ी परंपरा रामस्नेही पंथ से अलग है; रामस्नेही पंथ के संस्थापक संत रामचरण जी माने जाते हैं।
अवधारणा
राजस्थान की भक्ति परंपराओं में स्थानीय पंथ-संस्थापकों की पहचान महत्वपूर्ण है। RAS में ऐसे तथ्य बार-बार पूछे जाते हैं क्योंकि जांभोजी, दादू दयाल, लालदास जी और संत रामचरण जी जैसे नामों में आसानी से भ्रम हो सकता है।
