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RAS प्रश्न

राज्यसभा को भंग नहीं किया जा सकता क्योंकि:

सही उत्तर: (A) यह एक स्थायी निकाय है जिसमें एक-तिहाई सदस्य प्रत्येक दो वर्ष में सेवानिवृत्त होते हैं।

राज्यसभा को भंग नहीं किया जा सकता क्योंकि अनुच्छेद 83(1) के तहत वह स्थायी निकाय है और उसके लगभग एक-तिहाई सदस्य हर दूसरे वर्ष सेवानिवृत्त होते हैं।

  1. (A)

    यह एक स्थायी निकाय है जिसमें एक-तिहाई सदस्य प्रत्येक दो वर्ष में सेवानिवृत्त होते हैं

  2. (B)

    उपराष्ट्रपति इसे भंग नहीं कर सकता

  3. (C)

    संविधान इसे भंग करने की अनुमति नहीं देता

  4. (D)

    केवल राज्य विधानमंडल इसे भंग कर सकते हैं

व्याख्या

अनुच्छेद 83(1) राज्यसभा की निरंतरता को स्पष्ट करता है: यह सदन भंग होने के अधीन नहीं है। इसी प्रावधान में कहा गया है कि इसके लगभग एक-तिहाई सदस्य हर दूसरे वर्ष, संसद द्वारा बनाए गए कानून के अनुसार, सेवानिवृत्त होते हैं। इसलिए राज्यसभा किसी एक बार के चुनाव से बनी हुई पूरी सभा नहीं मानी जाती; उसकी सदस्यता क्रमिक रूप से बदलती रहती है। यही क्रमिक सेवानिवृत्ति उसे स्थायी निकाय बनाती है और सदन के कामकाज में निरंतरता बनाए रखती है। इसलिए सही कारण यह है कि राज्यसभा स्थायी निकाय है, जिसमें एक-तिहाई सदस्य प्रत्येक दो वर्ष में सेवानिवृत्त होते हैं।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (B) उपराष्ट्रपति वाला कारण अधूरा है, क्योंकि अनुच्छेद 83(1) में राज्यसभा के न भंग होने का आधार उसके स्थायी निकाय होने और क्रमिक सेवानिवृत्ति की व्यवस्था को बनाया गया है।
  • (C) यह कथन बहुत व्यापक है, क्योंकि उसी अनुच्छेद 83 में लोक सभा के लिए भंग होने की स्थिति का उल्लेख है; प्रश्न राज्यसभा की विशेष व्यवस्था पूछता है।
  • (D) राज्य विधानमंडलों को राज्यसभा भंग करने की शक्ति बताना अनुच्छेद 83(1) से समर्थित नहीं है; प्रावधान राज्यसभा को भंग होने के अधीन ही नहीं मानता।

अवधारणा

यह प्रश्न संसद के दोनों सदनों की अवधि और संरचना, विशेषकर अनुच्छेद 83, की समझ जाँचता है। RAS में यह विषय बार-बार आता है क्योंकि राज्यसभा की स्थायी प्रकृति संघीय शासन और विधायी निरंतरता से जुड़ी मूल संवैधानिक अवधारणा है।

स्रोत

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