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RAS प्रश्न

शादियों और उत्सवों से जुड़ी राजस्थानी पगड़ी का रंग आमतौर पर कौन-सा होता है:

सही उत्तर: (C) केसरिया, लाल या गुलाबी।

राजस्थानी शादियों और उत्सवों में पगड़ी का रंग आमतौर पर केसरिया, लाल या गुलाबी माना जाता है।

  1. (A)

    सफेद

  2. (B)

    भूरा या ग्रे

  3. (C)

    केसरिया, लाल या गुलाबी

  4. (D)

    काला

व्याख्या

राजस्थानी पगड़ी में रंग सिर्फ सजावट नहीं, अवसर का संकेत भी है। पगड़ी राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान मानी जाती है, और उसके रंग व शैली से पहनने वाले की पहचान तथा अवसर का संकेत मिलता है। केसरिया रंग सबसे पवित्र माना जाता है और शादियों में पहना जाता है; लाल और गुलाबी रंग भी ऐसे अवसरों पर पहने जाते हैं। केसरिया वीरता और स्वागत से जुड़ा है, जबकि लाल और गुलाबी विवाह में शुभ माने जाते हैं। इसलिए शादी या उत्सव के संदर्भ में सफेद, भूरा/धूसर या काला नहीं, बल्कि केसरिया-लाल-गुलाबी समूह सही संकेत देता है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) सफेद रंग इस संदर्भ में शोक या बुजुर्गों से जुड़ा है, जबकि शादी के लिए केसरिया और साथ में लाल/गुलाबी रंग उपयुक्त माने जाते हैं।
  • (B) भूरा/धूसर उत्सवी पगड़ी का रंग नहीं माना गया है; शादी और खास अवसरों पर रंगीन पगड़ियां, खासकर केसरिया, लाल और गुलाबी, पहनी जाती हैं।
  • (D) काला रंग उत्सव के बजाय शोक-काल से जुड़ता है; गहरा नीला, काला और खाकी शोक के समय पहने जाने वाले रंगों में आते हैं।

अवधारणा

यह प्रश्न राजस्थान की लोक-वेशभूषा में रंगों के सांस्कृतिक अर्थ को परखता है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं क्योंकि पगड़ी, साफा और अवसर-विशेष रंग राजस्थान कला-संस्कृति के सीधे पहचाने जाने वाले संकेत हैं।

स्रोत

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