RAS प्रश्न
राजस्थानी लघुचित्रकला की किशनगढ़ शैली किस चित्रण के कारण प्रसिद्ध है?
सही उत्तर: (D) लंबे विशिष्ट नैन-नक्श और कमल नयनों वाली बणी-ठणी (राधा का आदर्शीकृत चित्र)।
राजस्थानी लघुचित्रकला की किशनगढ़ शैली बणी-ठणी के चित्रण के लिए प्रसिद्ध है, जिसमें राधा का आदर्श रूप लंबी विशेषताओं और कमल जैसी आंखों के साथ दिखाया गया है।
व्याख्या
किशनगढ़ शैली की सबसे मजबूत पहचान बणी-ठणी है। यह 18वीं शताब्दी की किशनगढ़ शैली का चित्र है, जिसमें राधा का आदर्शीकृत रूप लंबी आंखों, पतली नाक और नुकीली ठुड्डी के साथ दिखाया गया है। NCERT के स्रोत में किशनगढ़ स्कूल बणी-ठणी चित्रों के लिए सबसे अधिक प्रसिद्ध है और इसकी शैली लंबी गर्दन, बड़ी बादामाकार आंखों, लंबे हाथों और हल्के रंगों वाली अलग शैली मानी जाती है। इसी कारण विकल्प D सही है: किशनगढ़ की विशिष्ट पहचान बणी-ठणी और आदर्शीकृत राधा-छवि से बनती है। यह शैली राजा सावंत सिंह, जिन्हें नागरी दास कहा गया, के संरक्षण में फली-फूली।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) केवल युद्ध दृश्य किशनगढ़ शैली की पहचान नहीं हैं; किशनगढ़ शैली बणी-ठणी और विशिष्ट नारी आकृति से जुड़ी है।
- (B) ब्रिटिश औपनिवेशिक दृश्य किशनगढ़ लघुचित्र परंपरा से मेल नहीं खाते; यह विषय अलग कंपनी स्कूल से जुड़ा है।
- (C) अमूर्त आधुनिक कला किशनगढ़ की शास्त्रीय लघुचित्र शैली नहीं है; यहां पहचान बणी-ठणी जैसी आदर्शीकृत राधा-छवि से बनती है।
अवधारणा
राजस्थान की लघुचित्र शैलियों में स्कूल-विशेष की पहचान RAS के लिए महत्वपूर्ण है। किशनगढ़, मेवाड़, बूंदी-कोटा, जयपुर और मारवाड़ जैसी शैलियों की विशिष्ट विशेषताएं सीधे तथ्यात्मक प्रश्नों में बार-बार पूछी जाती हैं।
