RAS प्रश्न
राजस्थान ओरिएंटल रिसर्च इंस्टिट्यूट, जिसे राजस्थान प्राच्यविद्या प्रतिष्ठान कहा जाता है, कहाँ स्थित है?
सही उत्तर: (D) जोधपुर।
राजस्थान ओरिएंटल रिसर्च इंस्टिट्यूट, जिसे राजस्थान प्राच्यविद्या प्रतिष्ठान भी कहा जाता है, जोधपुर में स्थित है।
व्याख्या
राजस्थान प्राच्यविद्या प्रतिष्ठान जोधपुर में स्थित है। इसकी स्थापना 1954 में हुई थी और आरंभिक मुख्यालय जयपुर में था, लेकिन बाद में राजस्थान सरकार ने मुख्यालय जोधपुर स्थानांतरित कर दिया। जोधपुर में बने इसके भवन का उद्घाटन 1958 में हुआ; इसके बाद मुख्यालय वहीं से काम करने लगा और जयपुर का पांडुलिपि भंडार इसकी पहली शाखा बना। यह संस्थान राजस्थान में बिखरी प्राचीन पांडुलिपियों, शिलालेखों और ग्रंथों को एकत्र कर संरक्षित करता है। यह सरकारी पहल पांडुलिपि-संग्रह की परंपरा से जुड़ी है, और संरक्षित सामग्री राजस्थान के इतिहास, साहित्य और संस्कृति के अध्ययन का महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए सही उत्तर D, जोधपुर है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) संस्थान का आरंभिक मुख्यालय जयपुर में था और वहाँ का पांडुलिपि भंडार बाद में इसकी पहली शाखा बना, लेकिन मुख्यालय जोधपुर स्थानांतरित कर दिया गया।
- (B) बीकानेर का संबंध केवल पंडित के. माधव कृष्ण शर्मा के पांडुलिपि-सूचीकरण कार्य से है; संस्थान वहाँ स्थित नहीं है।
- (C) उदयपुर संस्थान का स्थान नहीं है; इसका मुख्यालय जोधपुर में है।
अवधारणा
राजस्थान की सांस्कृतिक संस्थाएँ और उनके स्थान RAS की तथ्यात्मक तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे संस्थान, संग्रहालय और शोध-प्रतिष्ठान राज्य के इतिहास, कला और संस्कृति के अध्ययन में काम आने वाली सामग्री को संरक्षित करते हैं। यहाँ जोधपुर स्थित वर्तमान मुख्यालय को संस्थान के जयपुर से रहे पुराने संबंध से अलग करके समझना ज़रूरी है।
