RAS प्रश्न
केंद्र-राज्य संबंधों पर पुंछी आयोग (2007-10) ने क्या सिफारिश की?
सही उत्तर: (D) अनुच्छेद 356 में संशोधन कर स्थानीय आपातकाल संभव बनाना और विधेयकों पर राज्यपाल की सहमति के लिए समय सीमा निर्धारित करना।
पुंछी आयोग ने अनुच्छेद 356 के तहत राज्य के केवल प्रभावित हिस्से में स्थानीय आपातकाल की व्यवस्था और राज्यपाल द्वारा विधेयकों पर अधिकतम 6 महीने में निर्णय की सिफारिश की।
व्याख्या
केंद्र-राज्य संबंधों पर पुंछी आयोग, जिसके अध्यक्ष न्यायमूर्ति एम.एम. पुंछी थे, 2007-10 में काम कर रहा था। आयोग का जोर यह था कि अनुच्छेद 356 जैसी कठोर शक्ति आखिरी उपाय रहे और जहां संकट पूरे राज्य में न हो, वहां केंद्र की प्रतिक्रिया प्रभावित क्षेत्र तक सीमित हो। रिपोर्ट में स्थानीय आपातकाल की व्यवस्था को इसलिए जरूरी बताया गया कि राज्य सरकार और विधानसभा बाकी राज्य में काम करती रहें और केंद्र केवल खास समस्या पर हस्तक्षेप करे। इसी संतुलन के लिए आयोग ने कहा कि राज्यपाल विधेयक मिलने के बाद स्वीकृति देने, रोकने या राष्ट्रपति के विचार के लिए सुरक्षित रखने पर अधिकतम 6 महीने में निर्णय लें।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) राज्य सूची को संघ सूची में मिलाना आयोग की सिफारिश नहीं थी, क्योंकि ऐसा कदम संघीय ढांचे को ही कमजोर कर देता।
- (B) आयोग ने राज्य सभा को अमेरिका जैसी सीनेट से बदलने की बात नहीं कही; प्रश्न में दी गई वास्तविक सिफारिशें अनुच्छेद 356 और राज्यपाल की भूमिका से जुड़ी हैं।
- (C) आयोग ने राज्यपाल का पद समाप्त करने की सिफारिश नहीं की, बल्कि राज्यपाल की भूमिका और विधेयकों पर निर्णय की समय-सीमा को स्पष्ट करने पर जोर दिया।
अवधारणा
यह प्रश्न भारतीय संघवाद में केंद्र-राज्य संबंध, अनुच्छेद 356 और राज्यपाल की संवैधानिक भूमिका की समझ जांचता है। RAS में यह विषय बार-बार आता है क्योंकि राजस्थान प्रशासन में राज्य सरकार, राज्यपाल और केंद्र के संबंधों की व्यावहारिक समझ जरूरी है।
