RAS प्रश्न
अनुच्छेद 352 के तहत आपातकाल घोषित करने की राष्ट्रपति की शक्ति अब किसकी लिखित सलाह पर निर्भर है:
सही उत्तर: (D) केंद्रीय मंत्रिमंडल (केवल प्रधानमंत्री नहीं)।
अनुच्छेद 352 के तहत आपातकाल की उद्घोषणा के लिए राष्ट्रपति को केंद्रीय मंत्रिमंडल के निर्णय की लिखित सूचना मिलना अनिवार्य है।
व्याख्या
44वें संशोधन के बाद अनुच्छेद 352(3) ने आपातकाल की उद्घोषणा पर एक स्पष्ट संस्थागत रोक लगाई। अब राष्ट्रपति अनुच्छेद 352(1) के तहत उद्घोषणा, या ऐसी उद्घोषणा में बदलाव, तब तक जारी नहीं कर सकता जब तक केंद्रीय मंत्रिमंडल का निर्णय उसे लिखित रूप में संप्रेषित न हो। भारत के संविधान में केंद्रीय मंत्रिमंडल को प्रधानमंत्री और अनुच्छेद 75 के तहत नियुक्त कैबिनेट स्तर के अन्य मंत्रियों वाली परिषद बताया गया है। इसलिए बात केवल प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत सलाह की नहीं, बल्कि मंत्रिमंडल के सामूहिक निर्णय की है। यह बदलाव 1975 जैसी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकने के लिए किया गया था, जब प्रधानमंत्री ने अकेले राष्ट्रपति को सलाह दी थी।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) राज्यसभा सभापति का अनुच्छेद 352(3) में कोई निर्णयकारी या लिखित-सलाह वाला स्थान नहीं है; भारत का संविधान केवल केंद्रीय मंत्रिमंडल के निर्णय को शर्त बनाता है।
- (B) भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायपालिका से संबंधित पद है, जबकि अनुच्छेद 352(3) आपातकाल की उद्घोषणा के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल के लिखित निर्णय की बात करता है।
- (C) लोकसभा अध्यक्ष सदन के संचालन से जुड़ा पद है; अनुच्छेद 352(3) में राष्ट्रपति को लिखित रूप से संप्रेषित किया जाने वाला निर्णय केंद्रीय मंत्रिमंडल का बताया गया है।
अवधारणा
यह प्रश्न राष्ट्रीय आपातकाल में कार्यपालिका पर संवैधानिक नियंत्रण की समझ जांचता है। RAS में यह इसलिए बार-बार आता है क्योंकि 44वें संशोधन ने आपातकालीन शक्तियों को व्यक्तिगत सलाह से हटाकर मंत्रिमंडल की सामूहिक जवाबदेही से जोड़ा।
