RAS प्रश्न
प्रतिहारों की उत्पत्ति राजस्थान के किस क्षेत्र से मानी जाती है?
सही उत्तर: (B) मंडोर (जोधपुर)।
प्रतिहारों की उत्पत्ति राजस्थान में जोधपुर के निकट मंडोर क्षेत्र से मानी जाती है।
व्याख्या
गुर्जर-प्रतिहारों की उत्पत्ति जोधपुर के निकट मंडोर से मानी जाती है, इसलिए मंडोर (जोधपुर) ही सही क्षेत्र है। हरिचंद्र को मंडोर का प्रथम प्रतिहार शासक माना जाता है। राजस्थान फाउंडेशन के राजवंश-विवरण में भी मंडोर राजवंश के अंतर्गत प्रतिहारों का उल्लेख है और राजा हरिश्चंद्र प्रतिहार को कुल का संस्थापक बताया गया है। विकल्प B सही है, क्योंकि आरंभिक उत्पत्ति-क्षेत्र मंडोर से जुड़ा है, किसी बाद के विस्तार या राजधानी-प्रभुत्व से नहीं। बाद में इसी वंश ने कन्नौज और उत्तर भारत के बड़े हिस्से पर अधिकार किया, पर उत्पत्ति की पहचान मंडोर से जुड़ी रहती है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) चित्तौड़ सही नहीं है, क्योंकि प्रतिहारों की उत्पत्ति चित्तौड़ से नहीं बल्कि जोधपुर के निकट मंडोर से जुड़ी मानी जाती है।
- (C) अजमेर गलत है, क्योंकि प्रतिहारों के आरंभिक क्षेत्र के रूप में हरिचंद्र और मंडोर से जुड़ी परंपरा मानी जाती है, अजमेर से नहीं।
- (D) जैसलमेर सही नहीं है, क्योंकि प्रतिहारों की उत्पत्ति जैसलमेर के बजाय मंडोर (जोधपुर) क्षेत्र से संबंधित मानी जाती है।
अवधारणा
राजस्थान के प्रारंभिक मध्यकालीन राजवंशों में गुर्जर-प्रतिहारों की उत्पत्ति और क्षेत्रीय आधार महत्वपूर्ण तथ्य हैं। RAS में राजवंश, संस्थापक और मूल क्षेत्र राजस्थान इतिहास के स्थायी परीक्षा-बिंदु हैं।
