RAS प्रश्न
उच्च न्यायालय को अधीनस्थ न्यायालयों पर अधीक्षण की शक्ति किसके तहत दी गई है?
सही उत्तर: (C) अनुच्छेद 227।
अनुच्छेद 227 हर उच्च न्यायालय को अपने प्रादेशिक अधिकार क्षेत्र के सभी न्यायालयों और अधिकरणों पर अधीक्षण की शक्ति देता है।
व्याख्या
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 227 हर उच्च न्यायालय को उन क्षेत्रों के सभी न्यायालयों और अधिकरणों पर अधीक्षण देता है, जिन पर वह अपना अधिकार क्षेत्र रखता है। सैन्य अधिकरण इस दायरे से बाहर हैं। अधीनस्थ न्यायालयों और अधिकरणों पर उच्च न्यायालय की अधीक्षण-शक्ति सामान्य नियंत्रण या रिट-क्षेत्राधिकार से अलग संवैधानिक शक्ति है। अनुच्छेद 227 के तहत उच्च न्यायालय ऐसे न्यायालयों से प्रतिवेदन मंगा सकता है, कार्यवाही के लिए सामान्य नियम और प्रपत्र बना सकता है तथा अभिलेखों और खातों के रख-रखाव के प्रपत्र निर्धारित कर सकता है। अधीक्षण-शक्ति अनुच्छेद 227 से आती है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) अनुच्छेद 228 संवैधानिक प्रश्न से जुड़े मामलों को उच्च न्यायालय में स्थानांतरित करने से संबंधित है, अधीनस्थ न्यायालयों पर अधीक्षण-शक्ति से नहीं।
- (B) अनुच्छेद 226 उच्च न्यायालय की रिट जारी करने की शक्ति से जुड़ा है, अधीनस्थ न्यायालयों और अधिकरणों पर अधीक्षण की शक्ति से नहीं।
- (D) अनुच्छेद 235 अधीनस्थ न्यायालयों पर नियंत्रण से संबंधित है, लेकिन अधीक्षण की शक्ति अनुच्छेद 227 में दी गई है।
अवधारणा
संविधान में उच्च न्यायालय की अधीनस्थ न्यायपालिका पर भूमिका कई अलग-अलग अनुच्छेदों में बंटी हुई है। RAS में अनुच्छेद 226, 227, 228 और 235 जैसे पास-पास दिखने वाले प्रावधान बार-बार इसलिए पूछे जाते हैं क्योंकि इनके बीच सूक्ष्म अंतर हैं।
