RAS प्रश्न
पिछवाई चित्रकला परंपरा मुख्य रूप से राजस्थान के किस मंदिर शहर से जुड़ी है?
सही उत्तर: (B) नाथद्वारा।
पिछवाई चित्रकला परंपरा राजस्थान के राजसमंद जिले के नाथद्वारा में श्रीनाथजी मंदिर से मुख्य रूप से जुड़ी है।
व्याख्या
पिछवाई चित्र नाथद्वारा में श्रीनाथजी मंदिर के लिए बनाए जाने वाले बड़े कपड़े के चित्र हैं। इन्हें देवता के पीछे लटकाया जाता है, इसलिए 'पिछवाई' का अर्थ ही पीछे लटकने वाला वस्त्र-चित्र है। राजस्थान सरकार के राजसमंद जिला उद्योग केन्द्र के स्रोत में भी पिछवाई को नाथद्वारा से जोड़ा गया है और बताया गया है कि ये कपड़े पर बने चित्र भगवान कृष्ण के जीवन की कथाएं दिखाते हैं। इनमें कृष्ण को अक्सर श्रीनाथजी रूप में दिखाया जाता है। ये चित्र श्रीनाथजी मंदिर में देवता के पीछे लगाए जाते थे और अलग-अलग ऋतुओं, त्योहारों तथा कृष्ण-जीवन की घटनाओं के अनुसार बदले जाते थे। इसलिए मंदिर-शहर के रूप में सही संबंध नाथद्वारा है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) एकलिंगजी शिव मंदिर के लिए जाना जाता है, जबकि पिछवाई का संबंध नाथद्वारा के श्रीनाथजी मंदिर से है।
- (C) पुष्कर ब्रह्मा मंदिर से जुड़ा प्रमुख तीर्थ है, पर पिछवाई चित्रकला नाथद्वारा और श्रीनाथजी मंदिर से जुड़ी है।
- (D) रणकपुर जैन मंदिरों के लिए जाना जाता है, जबकि पिछवाई चित्र श्रीनाथजी मंदिर, नाथद्वारा में देवता के पीछे लगाए जाने वाले कपड़े के चित्र हैं।
अवधारणा
यह प्रश्न राजस्थान की मंदिर-केंद्रित चित्रकला परंपराओं और उनके भौगोलिक केंद्रों की पहचान परखता है। RAS में ऐसी जोड़ियां बार-बार आती हैं क्योंकि कला-परंपरा, देवस्थल और जिला-स्थान को साथ समझना पड़ता है।
