RAS प्रश्न
पट्टदकल मंदिरों में किसका मिश्रण दिखाई देता है?
सही उत्तर: (B) नागर और द्रविड़ शैली।
पट्टदकल मंदिरों में नागर और द्रविड़ स्थापत्य शैलियों का मिश्रण दिखाई देता है।
व्याख्या
पट्टदकल के मंदिर कर्नाटक में बादामी के चालुक्यों से जुड़े UNESCO स्थल हैं। ये 7वीं-8वीं शताब्दी ईस्वी के मंदिर नागर यानी उत्तर भारतीय और द्रविड़ यानी दक्षिण भारतीय स्थापत्य शैलियों का मिश्रण दिखाते हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पट्टदकल विवरण में भी कहा गया है कि यहां बने मंदिर रेखा, नागर, प्रसाद और द्रविड़ विमान शैलियों के मिश्रण को चिह्नित करते हैं। इसी कारण यह स्थल केवल किसी एक क्षेत्रीय शैली का उदाहरण नहीं है, बल्कि चालुक्य काल में अलग-अलग मंदिर-निर्माण परंपराओं के प्रयोग और संगम को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) इंडो-इस्लामी और गॉथिक शैली पट्टदकल के संदर्भ में नहीं बैठती, क्योंकि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण पट्टदकल में नागर-द्रविड़ मंदिर स्थापत्य के मिश्रण की बात करता है, इस्लामी या गॉथिक प्रभाव की नहीं।
- (C) बौद्ध और जैन शैली वाला विकल्प गलत है, क्योंकि पट्टदकल का स्थापत्य मिश्रण रेखा, नागर, प्रसाद और द्रविड़ विमान शैलियों से जुड़ा है, बौद्ध-जैन मिश्रण से नहीं।
- (D) यूनानी और रोमन शैली का पट्टदकल मंदिरों से कोई आधारभूत संबंध नहीं है; यह स्थल चालुक्य कालीन नागर और द्रविड़ मंदिर-निर्माण परंपराओं पर केंद्रित है।
अवधारणा
यह प्रश्न प्राचीन भारत के मंदिर स्थापत्य में क्षेत्रीय शैलियों की पहचान जांचता है। आरएएस में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं क्योंकि एक स्थल से राजवंश, काल और स्थापत्य शैली तीनों को जोड़ा जा सकता है।
