RAS प्रश्न
पल्लव वंश किस वास्तुशिल्प उपलब्धि के लिए सबसे प्रसिद्ध है?
सही उत्तर: (B) महाबलीपुरम में शोर मंदिर और चट्टान काटकर बनाए गए रथ।
पल्लव वंश महाबलीपुरम में शोर मंदिर और शिला-कर्तित एकाश्म रथों जैसी वास्तुशिल्प उपलब्धियों के लिए सबसे प्रसिद्ध है।
व्याख्या
पल्लवों की प्रसिद्धि महाबलीपुरम, जिसे मामल्लपुरम भी कहा जाता है, के स्मारकों से जुड़ी है। पल्लवों ने तीसरी से 9वीं शताब्दी ईस्वी के बीच यहां एकाश्म रथों और शोर मंदिर का निर्माण किया; नरसिंहवर्मन प्रथम मामल्ल शैल-उत्कीर्ण चरण से जुड़े हैं, जबकि संरचनात्मक शोर मंदिर राजसिंह से संबंधित है। संस्कृति मंत्रालय के अनुसार महाबलीपुरम का स्मारक-समूह पल्लव वंश की कलात्मक प्रतिभा का उदाहरण है; इसमें 7वीं-8वीं शताब्दी की शिला-कर्तित तथा एकाश्म संरचनाएं, रथ, मंडप और शोर मंदिर शामिल हैं। इसलिए विकल्प B सीधे उसी पल्लव स्थापत्य-परंपरा को पहचानता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) मदुरै का मीनाक्षी मंदिर पल्लवों की मुख्य उपलब्धि के रूप में महाबलीपुरम के स्मारकों से नहीं जुड़ता।
- (C) हम्पी का विरूपाक्ष मंदिर पल्लव-निर्मित महाबलीपुरम स्मारकों, यानी रथों और शोर मंदिर, से मेल नहीं खाता।
- (D) तंजावुर का बृहदीश्वर मंदिर महाबलीपुरम के पल्लव शिला-कर्तित रथों और शोर मंदिर का हिस्सा नहीं है।
अवधारणा
प्राचीन भारत के दक्षिण भारतीय मंदिर स्थापत्य में पल्लवों के शैल-उत्कीर्ण और प्रारंभिक द्रविड़ रूपों की पहचान महत्त्वपूर्ण है। RAS में राजवंश, स्थल और स्थापत्य-विशेषता के ऐसे जोड़े बार-बार पूछे जाते हैं।
