RAS प्रश्न
भारत में पुरापाषाण काल को किस नाम से भी जाना जाता है?
सही उत्तर: (D) पुरापाषाण काल।
भारत में पुरापाषाण काल को पुराना पाषाण काल भी कहा जाता है।
व्याख्या
पुरापाषाण काल का अर्थ ही पुराना पाषाण काल है; NIOS सामाजिक विज्ञान पाठ्यसामग्री में इसे 5 लाख ई.पू. से 10,000 ई.पू. तक के पुराने पाषाण चरण के रूप में रखा गया है। इसलिए विकल्प D सही है। इस चरण में मनुष्य स्थायी कृषक नहीं थे, बल्कि भोजन और सुरक्षा की जरूरतों के कारण एक स्थान से दूसरे स्थान जाते थे। वे नदी और पहाड़ियों के पास रहना पसंद करते थे, क्योंकि वहां पानी, पशुओं से भोजन और गुफाओं में आश्रय मिल सकता था। इस काल में पत्थर के औजारों का प्रयोग होता था; निम्न, मध्य और उच्च पुरापाषाण चरणों में अलग-अलग औजार मिलते हैं, और खेती या मिट्टी के बर्तन नहीं मिलते।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) नवपाषाण काल नए पाषाण काल से जुड़ा है, जबकि पुरापाषाण काल पुराने पाषाण काल से जुड़ा है।
- (B) लौह काल पाषाण-आधारित पुरापाषाण नाम का पर्याय नहीं है; पुरापाषाण काल का दूसरा नाम पुराना पाषाण काल है।
- (C) कांस्य काल धातु-आधारित काल का नाम है; पुरापाषाण काल पत्थर के औजारों और पुराने पाषाण चरण से जुड़ा है।
अवधारणा
प्रागैतिहासिक काल-विभाजन की मूल शब्दावली में पुरापाषाण, मध्यपाषाण और नवपाषाण की पहचान महत्वपूर्ण है। RAS में इस आधारभूत समझ से औजार, जीवन-शैली और स्थायी कृषि जैसे आगे के तथ्य स्पष्ट होते हैं।
