RAS प्रश्न
राजस्थानी संस्कृति में 'पाग' (या 'पगड़ी') समारोह का क्या उद्देश्य है?
सही उत्तर: (C) किसी व्यक्ति को सम्मान देने या उत्तराधिकार तथा अधिकार की स्वीकृति के प्रतीक के रूप में पगड़ी बाँधना।
राजस्थानी संस्कृति में पाग या पगड़ी बाँधना किसी व्यक्ति को सम्मान देने और जिम्मेदारी, उत्तराधिकार या अधिकार की स्वीकृति दिखाने का प्रतीक है।
व्याख्या
पाग या पगड़ी राजस्थानी समाज में सिर्फ सिर का पहनावा नहीं है; यह आत्मसम्मान, गरिमा और सामाजिक मान का संकेत है। किसी के सिर पर पगड़ी बाँधना उसे सम्मान देने, जिम्मेदारी सौंपने या उत्तराधिकार और अधिकार स्वीकार करने का प्रतीक माना जाता है। राजस्थान पर्यटन विभाग के पेज पर जैसलमेर मरु महोत्सव के सांस्कृतिक आयोजनों में पगड़ी बाँधने का उल्लेख है और पगड़ी को राजस्थान में सम्मान और आदर का प्रतीक बताया गया है। इसी सांस्कृतिक अर्थ से “पगड़ी बदलना” गहरी मित्रता और “पगड़ी रखना” परिवार की इज्जत बनाए रखने से जुड़ता है। इसलिए यह समारोह भोजन, कागजी कार्रवाई या जूते उतारने जैसी साधारण क्रिया नहीं है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) पाग या पगड़ी समारोह का मूल अर्थ सम्मान और सामाजिक स्वीकृति से जुड़ा है, इसलिए इसे केवल भोजन परोसने की क्रिया मानना इसके सांस्कृतिक अर्थ को छोड़ देता है।
- (B) दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर कागजी औपचारिकता है, जबकि पगड़ी बाँधना राजस्थानी समाज में सम्मान, जिम्मेदारी और अधिकार की प्रतीकात्मक स्वीकृति बताता है।
- (D) जूते उतारना अलग तरह की शिष्टाचार क्रिया हो सकती है, पर पाग या पगड़ी का अर्थ सिर पर पगड़ी बाँधकर मान देना है।
अवधारणा
राजस्थान की लोक-संस्कृति में वेशभूषा और सामाजिक प्रतीकों की समझ जरूरी है। आरएएस में ऐसे प्रसंग इसलिए बार-बार आते हैं क्योंकि पगड़ी जैसे प्रतीक सम्मान, इज्जत और सामाजिक संबंधों को सीधे दिखाते हैं।
