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RAS प्रश्न

राजस्थान का वह एकमात्र लोक वाद्ययंत्र कौन-सा है जिसमें पखावज की तरह तनाव नियंत्रित करने के लिए लकड़ी की छोटी खूंटियाँ लगाई जाती हैं?

सही उत्तर: (C) रावलों का मादल।

राजस्थान में पखावज की तरह झिल्ली के तनाव को लकड़ी की छोटी खूंटियों से नियंत्रित करने वाला लोक वाद्य रावलों का मादल है।

  1. (A)

    ढाक

  2. (B)

    डेरू

  3. (C)

    रावलों का मादल

  4. (D)

    तासा

व्याख्या

रावलों का मादल इसलिए सही है क्योंकि इसकी बनावट में झिल्ली के तनाव को साधने की अलग व्यवस्था मिलती है। रावल समुदाय इसे बजाता है और इसमें पखावज की तरह लकड़ी की छोटी खूंटियों से झिल्ली का तनाव नियंत्रित किया जाता है। मादल दोमुखी, पीपे जैसे आकार का ताल वाद्य है और ‘रावल की मांडल’ में तनाव पैदा करने के लिए आंत में लकड़ी के खंड लगाए जाते हैं। यही खास रचना इसे ढाक, डेरू और तासा से अलग करती है। इसे धार्मिक और औपचारिक अवसरों पर बजाया जाता है, इसलिए वाद्य की पहचान में उसका नाम, संरचना और सांस्कृतिक प्रयोग तीनों महत्वपूर्ण हैं।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) ढाक गलत है क्योंकि इसमें लकड़ी की खूंटियों से झिल्ली का तनाव नियंत्रित करने की व्यवस्था नहीं मिलती।
  • (B) डेरू गलत है क्योंकि वह पखावज जैसी खूंटी-आधारित तनाव-व्यवस्था वाला वाद्य नहीं है।
  • (D) तासा गलत है क्योंकि तासा उथले धातु-पात्र जैसा वाद्य है, लकड़ी की खूंटियों से तनाव साधने वाला वाद्य नहीं।

अवधारणा

राजस्थान के लोक ताल वाद्यों में बनावट और समुदाय-आधारित प्रयोग की पहचान जरूरी है। RAS की कला-संस्कृति में वाद्य का नाम, संरचना और उससे जुड़ा समुदाय साथ-साथ महत्वपूर्ण रहते हैं।

स्रोत

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