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RAS प्रश्न

संविधान सभा में जवाहरलाल नेहरू द्वारा प्रस्तुत उद्देश्य प्रस्ताव किसका आधार बनता है?

सही उत्तर: (D) प्रस्तावना।

संविधान सभा में जवाहरलाल नेहरू द्वारा प्रस्तुत उद्देश्य प्रस्ताव भारत के संविधान की प्रस्तावना का आधार बना।

  1. (A)

    नीति निदेशक तत्व

  2. (B)

    सातवीं अनुसूची

  3. (C)

    मूल अधिकारों का समूह

  4. (D)

    प्रस्तावना

व्याख्या

जवाहरलाल नेहरू ने 13 दिसंबर 1946 को संविधान सभा में उद्देश्य प्रस्ताव प्रस्तुत किया और सभा ने इसे 22 जनवरी 1947 को अपनाया। इसमें वे मूल आदर्श रखे गए जिन्हें बाद में प्रस्तावना में संक्षेप में व्यक्त किया गया। इसने भारत को स्वतंत्र संप्रभु गणतंत्र घोषित किया और न्याय, समानता तथा स्वतंत्रता की गारंटी दी। राज्य सभा के एक प्रकाशन में बताया गया है कि राजनीतिक स्वतंत्रता, समानता, सामाजिक और आर्थिक न्याय तथा जनता को सशक्त बनाने के विचार नेहरू के उद्देश्य प्रस्ताव में व्यक्त हुए और अब भारत के संविधान की प्रस्तावना में दर्ज हैं। इसलिए प्रस्तावना का आधार उद्देश्य प्रस्ताव है, कोई अनुसूची, अधिकारों की अलग सूची या राज्य के नीति निदेशक तत्वों वाला भाग नहीं।

बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं

  • (A) राज्य के नीति निदेशक तत्व सही उत्तर नहीं हैं, क्योंकि उद्देश्य प्रस्ताव प्रस्तावना का आधार है, नीति निदेशक तत्वों का नहीं।
  • (B) सातवीं अनुसूची संघ और राज्यों के बीच विधायी विषयों का बँटवारा करती है, जबकि उद्देश्य प्रस्ताव के आदर्श प्रस्तावना से जुड़े हैं।
  • (C) मूल अधिकार संवैधानिक गारंटियों को व्यक्त करते हैं, लेकिन उद्देश्य प्रस्ताव जिस संवैधानिक भाग का आधार है, वह प्रस्तावना है, मूल अधिकारों की अलग सूची नहीं।

अवधारणा

उद्देश्य प्रस्ताव ने संविधान की प्रस्तावना में व्यक्त मूल आदर्शों को स्वरूप दिया। RAS में प्रस्तावना, उद्देश्य प्रस्ताव और संविधान-निर्माण के आपसी संबंध पर अक्सर सवाल पूछे जाते हैं, क्योंकि संप्रभुता, न्याय, समानता और स्वतंत्रता भारतीय राजव्यवस्था के प्रमुख विषय हैं।

स्रोत

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