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RAS प्रश्न

राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (NJAC) को सर्वोच्च न्यायालय ने किस वर्ष रद्द किया?

सही उत्तर: (B) 2015।

सर्वोच्च न्यायालय ने 2015 में राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग बनाने वाले कानूनों को रद्द किया।

  1. (A)

    2014

  2. (B)

    2015

  3. (C)

    2013

  4. (D)

    2016

व्याख्या

चौथे न्यायाधीश मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने 2015 में 99वें संविधान संशोधन और राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग अधिनियम को रद्द किया। इन कानूनों से उच्च न्यायपालिका में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम प्रणाली की जगह एक स्वतंत्र आयोग लाया जाना था। विवाद का मुख्य कारण यह था कि आयोग में कार्यपालिका के सदस्य भी होते, जिसे याचिकाओं में न्यायपालिका की स्वतंत्रता के खिलाफ बताया गया। न्यायालय ने माना कि न्यायाधीशों की नियुक्ति में कार्यपालिका की भागीदारी न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर असर डालती है और कार्यपालिका तथा न्यायपालिका के बीच शक्तियों के पृथक्करण के सिद्धांत का उल्लंघन करती है। इसी कारण 2015 सही वर्ष है और कॉलेजियम प्रणाली बहाल हुई।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) 2014 में संसद ने आयोग से जुड़े कानून पारित किए और उन्हें राष्ट्रपति की स्वीकृति मिली, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें 2015 में रद्द किया।
  • (C) 2013 में राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग अधिनियम पारित नहीं हुआ था, इसलिए उस वर्ष सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उसे रद्द किए जाने का आधार ही नहीं बनता।
  • (D) PRS Legislative Research में निर्णय 16 अक्टूबर 2015 के रूप में दर्ज है, इसलिए 2016 रद्द किए जाने का वर्ष नहीं है।

अवधारणा

यह प्रश्न न्यायिक नियुक्तियों, मूल संरचना और न्यायपालिका की स्वतंत्रता के संबंध को परखता है। RAS में ऐसे मुद्दे बार-बार आते हैं क्योंकि वे संविधान संशोधन, सर्वोच्च न्यायालय की समीक्षा और शक्तियों के पृथक्करण को एक साथ जोड़ते हैं।

स्रोत

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