RAS प्रश्न
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 का उद्देश्य भारत की लगभग कितनी प्रतिशत जनसंख्या को खाद्यान्न अधिकार के दायरे में लाना है?
सही उत्तर: (A) 67%।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 का उद्देश्य भारत की लगभग दो-तिहाई यानी करीब 67% आबादी को खाद्यान्न पाने की पात्रता के दायरे में लाना है।
व्याख्या
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 में पुराने गरीबी-अनुमानों के बजाय खाद्यान्न पाने के व्यापक कानूनी अधिकार को आधार बनाया गया है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली का दायरा उन पुराने गरीबी-अनुमानों से अलग रखकर जनगणना 2011 की जनसंख्या के आधार पर तय किया गया है। अधिनियम में भारत की लगभग दो-तिहाई आबादी शामिल है, जिसे परीक्षाओं में आम तौर पर करीब 67% माना जाता है। इसके दायरे में ग्रामीण आबादी के 75% और शहरी आबादी के 50% लोग आते हैं; पात्र लोगों को अत्यधिक रियायती दर पर खाद्यान्न मिलता है। अंत्योदय अन्न योजना के प्रत्येक परिवार को प्रति माह 35 किलोग्राम मिलता है, जबकि प्राथमिकता परिवार के प्रत्येक पात्र व्यक्ति को प्रति माह 5 किलोग्राम मिलता है। मोटे अनाज, गेहूँ और चावल के लिए बताए गए केंद्रीय निर्गम मूल्य क्रमशः ₹1, ₹2 और ₹3 हैं।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (B) 75% अधिनियम के दायरे में आने वाली ग्रामीण आबादी का हिस्सा है, भारत की कुल आबादी का नहीं।
- (C) 50% अधिनियम के दायरे में आने वाली शहरी आबादी का हिस्सा है, भारत की कुल आबादी का नहीं।
- (D) 80% अधिनियम के तहत आने वाली लगभग दो-तिहाई यानी करीब 67% आबादी से अधिक है; ग्रामीण और शहरी आबादी के लिए यह हिस्सा क्रमशः 75% और 50% है।
अवधारणा
यह प्रश्न भारतीय अर्थव्यवस्था में खाद्य सुरक्षा के कानूनी अधिकार और उसके दायरे को परखता है, खासकर यह कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के ज़रिए लोगों को खाद्यान्न पाने की पात्रता कैसे दी जाती है। RAS में ऐसी संख्याएँ बार-बार पूछी जाती हैं, क्योंकि इनमें कानून, पात्रता के मानदंड और सब्सिडी की व्यवस्था जुड़ी होती है।
