RAS प्रश्न
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग को संयुक्त SC/ST आयोग से अलग करके किस संशोधन द्वारा बनाया गया?
सही उत्तर: (C) 89वां संशोधन।
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग संविधान के 89वें संशोधन अधिनियम, 2003 से बना, जिसमें पुराने संयुक्त अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग को दो अलग आयोगों में बाँटा गया।
व्याख्या
89वें संशोधन अधिनियम, 2003 ने अनुच्छेद 338 में बदलाव करके संविधान में नया अनुच्छेद 338क जोड़ा। इसी बदलाव से पहले का संयुक्त राष्ट्रीय अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग दो अलग संस्थाओं में बदल गया: अनुसूचित जातियों के लिए राष्ट्रीय आयोग और अनुसूचित जनजातियों के लिए राष्ट्रीय आयोग। PIB के अनुसार राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग 19 फरवरी 2004 से अलग आयोग के रूप में लागू हुआ। निर्णायक बात संयुक्त आयोग से अलग अनुसूचित जनजाति आयोग का गठन है। 65वां संशोधन संयुक्त आयोग की पृष्ठभूमि से जुड़ा है, लेकिन अलग अनुसूचित जनजाति आयोग बनाने वाला निर्णायक संशोधन 89वां संशोधन ही है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) 65वें संशोधन से अनुच्छेद 338 के तहत संयुक्त अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग बना था; उसे अलग-अलग आयोगों में बाँटने वाला संशोधन 89वां था।
- (B) PIB के अनुसार राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की स्थापना 89वें संशोधन अधिनियम, 2003 से हुई थी, 103वें संशोधन से नहीं।
- (D) PIB के अनुसार अनुच्छेद 338 में संशोधन और नया अनुच्छेद 338क 89वें संशोधन अधिनियम, 2003 से आया; 102वें संशोधन से यह अलग आयोग स्थापित नहीं हुआ।
अवधारणा
संवैधानिक निकायों और अनुच्छेद-आधारित आयोगों की संरचना RAS के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे तथ्यों में संशोधन संख्या, संबंधित अनुच्छेद और आयोग की संस्थागत भूमिका को साथ पढ़ना पड़ता है।
