RAS प्रश्न
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग किस अनुच्छेद के तहत स्थापित एक संवैधानिक निकाय है?
सही उत्तर: (D) अनुच्छेद 338।
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग भारत के संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत स्थापित संवैधानिक निकाय है।
व्याख्या
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग का संवैधानिक आधार भारत के संविधान का अनुच्छेद 338 है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अनुसार, आयोग अनुच्छेद 338 के तहत स्थापित संवैधानिक निकाय है। 89वें संविधान संशोधन, 2003 के बाद अनुच्छेद 338 ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को यह संशोधित रूप दिया। आयोग का काम केवल सलाह देना नहीं है; वह संविधान और लागू कानूनों के तहत अनुसूचित जातियों को मिले सुरक्षा उपायों से जुड़े मामलों की जांच और निगरानी करता है। इसलिए अनुच्छेद 338 ही आयोग की स्थापना का सीधा संवैधानिक आधार है। अनुच्छेद 340, 342 या 335 अनुसूचित जातियों या संबंधित संवैधानिक व्यवस्था से जुड़ सकते हैं, पर इस आयोग की स्थापना का सीधा आधार वे नहीं हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) अनुच्छेद 340 राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की स्थापना का प्रावधान नहीं है; आयोग का संवैधानिक आधार अनुच्छेद 338 है।
- (B) अनुच्छेद 342 अनुसूचित जातियों से जुड़ी संवैधानिक व्यवस्था में आता है, लेकिन राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की स्थापना अनुच्छेद 338 के तहत बताई गई है।
- (C) अनुच्छेद 335 सेवाओं में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के दावों से जुड़ा है; सुरक्षा उपायों की जांच और निगरानी वाला आयोग अनुच्छेद 338 के तहत है।
अवधारणा
संवैधानिक निकायों और अनुसूचित जातियों के सुरक्षा उपायों में अनुच्छेद-आधारित समझ जरूरी है। RAS में ऐसे तथ्य बार-बार पूछे जाते हैं क्योंकि कई अनुच्छेद एक ही सामाजिक न्याय क्षेत्र से जुड़े दिखते हैं, पर संस्था का आधार अलग होता है।
