RAS प्रश्न
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा किससे मिला:
सही उत्तर: (D) 102वां संशोधन, 2018।
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा 102वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2018 से मिला, जिसने संविधान में अनुच्छेद 338B जोड़ा।
व्याख्या
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के संवैधानिक दर्जे में संशोधन संख्या और संबंधित अनुच्छेद मुख्य बिंदु हैं। 102वें संशोधन, 2018 ने संविधान में अनुच्छेद 338B जोड़ा और इसी से राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा मिला। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग भारत के संविधान के अनुच्छेद 338B के अधीन संवैधानिक निकाय है और इसका संबंध 102वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2018 से है। इसलिए सही उत्तर D है: आयोग की सामान्य स्थापना और संवैधानिक दर्जा अलग-अलग बातें हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) 89वां संशोधन, 2003 इसलिए गलत है क्योंकि संवैधानिक दर्जे का आधार 102वां संशोधन, 2018 और अनुच्छेद 338B है।
- (B) 97वां संशोधन, 2011 सही नहीं है, क्योंकि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग का संवैधानिक दर्जा 102वें संशोधन, 2018 से जुड़ा है।
- (C) 103वां संशोधन, 2019 गलत है, क्योंकि आयोग को संवैधानिक दर्जा 2018 के 102वें संशोधन से मिला, 2019 के संशोधन से नहीं।
अवधारणा
संवैधानिक निकायों और प्रमुख संविधान संशोधनों में आयोग, अनुच्छेद और संशोधन संख्या की पहचान जरूरी होती है। आरएएस में संवैधानिक निकायों से जुड़े आयोग, अनुच्छेद और संशोधन संख्या अलग-अलग याद रखने होते हैं।
