RAS प्रश्न
अकबर के शासनकाल में भारत में नक्शबंदी सूफी सिलसिले का प्रतिनिधित्व किस उल्लेखनीय व्यक्ति ने किया?
सही उत्तर: (C) शेख़ अहमद सरहिंदी।
अकबर के शासनकाल में भारत में नक्शबंदी सूफी सिलसिले का प्रमुख प्रतिनिधित्व शेख़ अहमद सरहिंदी ने किया।
व्याख्या
शेख़ अहमद सरहिंदी (1564-1624), जिन्हें मुजद्दिद अल्फ सानी यानी दूसरी सहस्राब्दी के सुधारक के रूप में जाना गया, भारत में नक्शबंदी सिलसिले के प्रमुख व्यक्तित्व थे। NCERT की भक्ति-सूफी परंपरा में शेख़ अहमद सरहिंदी उस दौर के नक्शबंदी शेख़ थे और उनके विचार अकबर के उदार तथा गैर-सांप्रदायिक रुख के प्रतिपक्ष में माने जाते हैं। अकबर के शासनकाल में भारत में नक्शबंदी सिलसिले के प्रतिनिधि के रूप में सही पहचान शेख़ अहमद सरहिंदी ही है। उन्होंने दीन-ए-इलाही और अकबर की उदार धार्मिक नीतियों का विरोध करते हुए कड़े इस्लामी रूढ़िवाद पर जोर दिया।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) निज़ामुद्दीन औलिया चिश्ती सिलसिले से जुड़े 14वीं सदी के संत थे, इसलिए अकबरकालीन नक्शबंदी प्रतिनिधि नहीं हो सकते।
- (B) दारा शिकोह मुगल राजकुमार थे; वे नक्शबंदी सिलसिले के प्रतिनिधि सूफी नेता नहीं माने जाते।
- (D) सलीम चिश्ती चिश्ती संत थे और अकबर तथा मुगल राज्य से चिश्तियों के संबंध में आते हैं, नक्शबंदी प्रतिनिधि के रूप में नहीं।
अवधारणा
मध्यकालीन भारत की भक्ति-सूफी परंपराओं में सूफी सिलसिलों और मुगल धार्मिक नीति का संबंध महत्वपूर्ण है। RAS में यह विषय बार-बार आता है क्योंकि इसमें व्यक्तित्व, सिलसिला और राजनीतिक संदर्भ को साथ जोड़कर पूछा जाता है।
