RAS प्रश्न
न्यूनतम वैकल्पिक कर (MAT) किस पर लगाया जाता है:
सही उत्तर: (B) सामान्य कर प्रावधानों के तहत शून्य या न्यूनतम लाभ दिखाने वाली कंपनियां।
न्यूनतम वैकल्पिक कर (MAT) उन कंपनियों पर लगाया जाता है जिनके बही लाभ होते हैं, लेकिन सामान्य कर प्रावधानों के तहत कर योग्य आय शून्य या बहुत कम दिखाई जाती है।
व्याख्या
MAT का लक्ष्य निर्यात, कृषि आय या हर व्यक्तिगत करदाता नहीं है। यह ऐसी कंपनियों के लिए बनाया गया है जिनके बही लाभ मौजूद होते हैं, पर कटौतियों और छूटों के कारण सामान्य कर प्रावधानों में कर योग्य आय शून्य या बहुत कम दिखती है। इसलिए इसका मूल उद्देश्य लाभदायक कंपनियों से कम से कम न्यूनतम कर दिलाना है; वर्तमान दर बही लाभ का 15% है। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की प्रत्यक्ष कर रिपोर्ट में धारा 115JB को कंपनियों के मामले में लागू बताया गया है और बही लाभ की गणना को MAT से जोड़ा गया है। इसी कारण कर लगने की सही स्थिति विकल्प B है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) सभी निर्यात MAT का आधार नहीं हैं, क्योंकि MAT वस्तुओं के निर्यात पर नहीं बल्कि कंपनी के बही लाभ और सामान्य कर प्रावधानों में कम कर योग्य आय की स्थिति पर केंद्रित है।
- (C) कृषि आय पर MAT नहीं लगाया जाता; MAT लाभदायक कंपनियों से न्यूनतम कर सुनिश्चित करने की व्यवस्था है।
- (D) सभी व्यक्तिगत करदाता MAT के दायरे में नहीं आते, क्योंकि धारा 115JB के तहत MAT कंपनी-करदाता के मामले से जुड़ा है।
अवधारणा
भारतीय अर्थव्यवस्था में प्रत्यक्ष कर और कंपनी कराधान की मूल अवधारणा RAS के लिए परीक्षोपयोगी है। कर-छूटों के बावजूद न्यूनतम कर-संग्रह सुनिश्चित करना राजस्व नीति का महत्वपूर्ण मुद्दा है।
