RAS प्रश्न
मारवाड़ चित्रकला शैली किसके लिए जानी जाती है?
सही उत्तर: (B) अश्वारोही चित्र और मरुस्थलीय परिदृश्य।
मारवाड़ चित्रकला शैली अश्वारोही चित्रों और मरुस्थलीय परिदृश्यों के लिए जानी जाती है।
व्याख्या
मारवाड़ शैली, जिसे जोधपुर शैली भी कहा जाता है, अपनी स्थानीय पहचान के कारण पहचानी जाती है। इसमें चटक रंग, राठौड़ शासकों के घुड़सवारी वाले चित्र, मरुस्थलीय परिदृश्य और रागमाला चित्र प्रमुख हैं। NCERT राजस्थान की लघु चित्रकला पर चर्चा करते हुए मारवाड़ को अलग चित्रकला-शाला के रूप में रखता है; जोधपुर में मजबूत लोक परंपरा रही, जहां सुदृढ़ योद्धा, कोमल स्त्रियां, ऊंट पर ढोला-मारू और शिकार-दृश्य मिलते हैं, जिनमें बहुत-से घोड़े और हाथी मारवाड़ क्षेत्र की चित्रकला पर हावी हैं। इसलिए विकल्प B शैली की सबसे सटीक पहचान देता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) चीनी परिदृश्य प्रभाव मारवाड़ शैली की पहचान नहीं है; यह स्थानीय जोधपुर-मारवाड़ परंपरा और कम मुगल प्रभाव वाली शैली है।
- (C) मारवाड़ शैली केवल कृष्ण विषयों तक सीमित नहीं है, क्योंकि राठौड़ शासकों के अश्वारोही चित्र, मरुस्थलीय परिदृश्य और रागमाला चित्र भी इसकी प्रमुख विशेषताएं हैं।
- (D) यूरोपीय शैली कहना सही नहीं है, क्योंकि मारवाड़ शैली स्वदेशी, अपेक्षाकृत स्वतंत्र विकास वाली राजस्थानी शैली है।
अवधारणा
राजस्थानी लघु चित्रकला में क्षेत्रीय शैलियों की अपनी विशिष्ट पहचान है। RAS में यह विषय बार-बार आता है क्योंकि मारवाड़, मेवाड़, बूंदी-कोटा, किशनगढ़ और जयपुर जैसी शैलियों को उनके विषय, रंग और प्रभावों से अलग करना पड़ता है।
