RAS प्रश्न
अकबर द्वारा शुरू की गई मनसबदारी प्रणाली थी:
सही उत्तर: (D) ज़ात और सवार घटकों पर आधारित सैन्य और नागरिक श्रेणी-व्यवस्था।
अकबर की मनसबदारी प्रणाली ज़ात और सवार घटकों पर आधारित सैन्य और नागरिक पदों की श्रेणीबद्ध व्यवस्था थी।
व्याख्या
मनसबदारी को केवल सैनिक भर्ती या कर-वसूली की तकनीक समझना गलत होगा, क्योंकि इसमें व्यक्ति का पूरा शाही दर्जा तय होता था। मनसब दो भागों में दिया जाता था: ज़ात से मनसबदार की निजी हैसियत और वेतन तय होते थे, जबकि सवार से यह तय होता था कि उसे कितने घुड़सवार रखने हैं। NCERT के Ain-i Akbari वाले विवरण में भी अकबर के प्रशासन में सैन्य और नागरिक प्रशासन तथा मनसबदारों का उल्लेख आता है। इसलिए सही पहचान यह है कि यह मुगल शासन की पद-श्रेणी व्यवस्था थी, जिसमें दर्जे 10 से 10,000 तक, और बाद में राजकुमारों के लिए 12,000 तक बताए गए हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) कर संग्रह मुगल प्रशासन का अलग वित्तीय पक्ष था; मनसबदारी में मुख्य बात ज़ात और सवार के आधार पर पद, वेतन, हैसियत और घुड़सवारों की जिम्मेदारी तय करना था।
- (B) न्यायिक प्रणाली अदालतों या न्याय-प्रक्रिया से जुड़ी होती, जबकि मनसबदारी का संबंध शाही सेवा में सैन्य और नागरिक दर्जों से था।
- (C) मनसबदारी धार्मिक पदक्रम नहीं थी, क्योंकि ज़ात और सवार व्यक्ति की प्रशासनिक-सैनिक स्थिति और घुड़सवारों की संख्या से जुड़े घटक थे, धर्म-संबंधी दर्जे से नहीं।
अवधारणा
मुगल प्रशासन में अकबर की शाही सेवा और सैन्य-संगठन को समझने के लिए मनसबदारी केंद्रीय विषय है। RAS में यह बार-बार आता है क्योंकि मनसबदारी से मुगल राज्य की प्रशासनिक बनावट, वेतन और सैन्य दायित्व एक साथ समझ में आते हैं।
