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RAS प्रश्न

17 नवंबर 1913 का मानगढ़ धाम नरसंहार, जिसे अक्सर आदिवासी जलियांवाला कहा जाता है, किस समाज सुधारक से जुड़ा है?

सही उत्तर: (B) गोविंद गुरु।

17 नवंबर 1913 का मानगढ़ धाम नरसंहार भील समाज सुधारक गोविंद गुरु से जुड़ा है।

  1. (A)

    मोतीलाल तेजावत

  2. (B)

    गोविंद गुरु

  3. (C)

    भोग्या भाई

  4. (D)

    बिरसा मुंडा

व्याख्या

गोविंद गुरु भील समाज सुधारक थे और उन्होंने भील समुदाय को संगठित तथा सुधारने के लिए 1883 में सम्प सभा की स्थापना की थी। मानगढ़ हिल, बांसवाड़ा में 17 नवंबर 1913 को भील और अन्य जनजातीय लोग गोविंद गुरु के नेतृत्व में जुटे थे। PIB के अनुसार इस जमावड़े पर अंग्रेजों ने गोली चलाई और लगभग 1500 जनजातीय लोग शहीद हुए। इसी कारण मानगढ़ को भील समुदाय और राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश की जनजातियों के लिए विशेष महत्व वाला स्थल माना जाता है। इसी नरसंहार को “आदिवासी जलियांवाला” कहा जाता है और इसका संबंध गोविंद गुरु से है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) मोतीलाल तेजावत उदयपुर-चित्तौड़गढ़ क्षेत्र के भीलों में 1921 के एकी आंदोलन से जुड़े थे, जबकि मानगढ़ धाम की घटना 17 नवंबर 1913 को गोविंद गुरु के नेतृत्व वाले जमावड़े से जुड़ी है।
  • (C) भोग्या भाई का मानगढ़ धाम नरसंहार से संबंध नहीं मिलता, इसलिए यह विकल्प केवल भ्रम पैदा करता है।
  • (D) बिरसा मुंडा झारखंड के जनजातीय नेता थे और 1900 में उनका निधन हो चुका था, इसलिए 1913 के राजस्थान स्थित मानगढ़ धाम नरसंहार से उनका संबंध नहीं बनता।

अवधारणा

राजस्थान के जनजातीय आंदोलन और स्वतंत्रता संघर्ष में भील नेतृत्व की समझ यहां प्रमुख है। RAS में मानगढ़ धाम इसलिए बार-बार पूछा जाता है क्योंकि यह राजस्थान के इतिहास, जनजातीय समाज सुधार और औपनिवेशिक दमन को एक साथ जोड़ता है।

स्रोत

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