RAS प्रश्न
मौर्य प्रशासन में महामात्र कौन-सा कार्य संभालने वाले अधिकारी थे?
सही उत्तर: (A) जिला प्रशासन और कल्याण।
मौर्य प्रशासन में महामात्र जिला प्रशासन और जनकल्याण से जुड़े उच्च पदस्थ अधिकारी थे।
व्याख्या
महामात्रों को केवल एक दफ्तर या कर-संबंधी काम तक सीमित समझना गलत होगा। उनकी सही भूमिका जिला-स्तरीय प्रशासन और जनकल्याण से जुड़ी थी। अशोक के धम्म-महामात्र भी इसी व्यापक भूमिका को समझाते हैं: अशोक ने ऐसे अधिकारियों को धम्म के प्रचार, लोगों के नैतिक आचरण और शासन तथा जनता के बीच संपर्क से जुड़े कामों के लिए नियुक्त किया था। इसलिए महामात्र प्रशासनिक ढांचे में ऊंचे पद पर थे और उनका काम लोक-व्यवहार तथा कल्याण से भी जुड़ा था। इसी कारण विकल्प A सबसे सटीक है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) कर-संग्रह प्रशासन का एक हिस्सा हो सकता था, लेकिन महामात्रों की भूमिका केवल कर-संग्रह तक सीमित नहीं थी।
- (C) व्यापार नियमन के लिए पण्याध्यक्ष जैसे अलग अधिकारी माने गए हैं, इसलिए महामात्रों का मुख्य काम व्यापार नियमन नहीं था।
- (D) सैन्य कमान सेनापति के अधीन थी, इसलिए महामात्रों को सैन्य कमांडर मानना मौर्य प्रशासन की भूमिका-विभाजन से मेल नहीं खाता।
अवधारणा
मौर्य प्रशासन में अधिकारियों के कार्य-विभाजन की समझ जरूरी है। RAS में प्राचीन भारत के प्रशासनिक पद बार-बार पूछे जाते हैं, क्योंकि उनसे शासन-व्यवस्था और अशोक की नीति दोनों जुड़ते हैं।
