RAS प्रश्न
उदारीकृत विप्रेषण योजना (LRS) निवासी व्यक्तियों को कितनी राशि तक धन भेजने की अनुमति देती है?
सही उत्तर: (B) प्रति वित्तीय वर्ष $250,000।
उदारीकृत विप्रेषण योजना (LRS) के तहत निवासी व्यक्ति अनुमत चालू और पूंजी खाता लेनदेन के लिए प्रति वित्तीय वर्ष $250,000 तक धन भेज सकते हैं।
व्याख्या
भारतीय रिजर्व बैंक के उदारीकृत विप्रेषण योजना प्रश्नोत्तर में यह सीमा साफ दी गई है कि सभी निवासी व्यक्ति अनुमत चालू खाते या पूंजी खाते के लेनदेन, या दोनों के संयोजन, के लिए प्रति वित्तीय वर्ष $250,000 तक धन भेज सकते हैं। इसी कारण विकल्प B सही है। शिक्षा, यात्रा, चिकित्सा, निवेश और उपहार जैसे उद्देश्य इसी अनुमत दायरे में आते हैं। इसलिए $50,000 और $100,000 जैसी सीमाएं कम हैं, जबकि $500,000 सीमा से अधिक है। शिक्षा और चिकित्सा को छोड़कर अन्य उद्देश्यों के लिए 7 लाख रुपये से अधिक के प्रेषण पर 20% स्रोत पर कर संग्रह लागू होता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) $50,000 प्रति वित्तीय वर्ष LRS की निर्धारित सीमा से कम है, जबकि भारतीय रिजर्व बैंक के प्रश्नोत्तर में निवासी व्यक्तियों के लिए सीमा $250,000 बताई गई है।
- (C) $100,000 भी कम सीमा है, क्योंकि LRS में अनुमत चालू और पूंजी खाता लेनदेन के लिए सीमा $250,000 प्रति वित्तीय वर्ष है।
- (D) $500,000 सीमा से अधिक है; भारतीय रिजर्व बैंक के प्रश्नोत्तर में निवासी व्यक्ति के लिए LRS सीमा $250,000 प्रति वित्तीय वर्ष दी गई है।
अवधारणा
यह प्रश्न भारतीय अर्थव्यवस्था के बाह्य क्षेत्र, विदेशी विनिमय प्रबंधन और पूंजी खाते से जुड़ी बुनियादी सीमा जांचता है। RAS में ऐसे प्रश्न इसलिए बार-बार आते हैं क्योंकि वे भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों को व्यक्तिगत विदेशी भुगतान से सीधे जोड़ते हैं।
