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RAS प्रश्न

राजस्थान में कीर्तन-भजन परंपरा किस संत आंदोलन द्वारा लोकप्रिय हुई?

सही उत्तर: (B) भक्ति आंदोलन।

राजस्थान में कीर्तन-भजन परंपरा को भक्ति आंदोलन ने मीरा बाई, दादू दयाल और पीपा जैसे भक्त संतों के ज़रिए लोकप्रिय बनाया।

  1. (A)

    बौद्ध परंपरा

  2. (B)

    भक्ति आंदोलन

  3. (C)

    केवल सूफी आंदोलन

  4. (D)

    आर्य समाज

व्याख्या

भक्ति आंदोलन सही उत्तर है, क्योंकि उसने धार्मिक आस्था के केंद्र में व्यक्तिगत भक्ति को रखा और भजन-गायन जैसे सहज तरीकों से उसे आम लोगों तक पहुँचाया। राजस्थान में मीरा बाई, दादू दयाल और पीपा जैसे संतों ने स्थानीय बोलियों में रचनाएँ कीं। इससे आम लोग भक्ति-संगीत में भाग ले सके और यह केवल पंडितों या राजदरबारों तक सीमित नहीं रहा। Britannica भक्ति को भक्त और उसके आराध्य के बीच गहरे भावनात्मक संबंध के रूप में बताता है; इसकी प्रथाओं में देवता की स्तुति में भजन गाना और उसका नाम जपना शामिल है। ये विशेषताएँ कीर्तन-भजन परंपरा को कर्मकांड, सुधारवादी धारा या केवल सूफ़ी परंपरा की तुलना में भक्ति आंदोलन से कहीं अधिक निकटता से जोड़ती हैं।

बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं

  • (A) बौद्ध परंपरा सबसे उपयुक्त उत्तर नहीं है, क्योंकि राजस्थान की कीर्तन-भजन परंपरा भक्ति संतों से जुड़ी है; विकल्प में भी राजस्थान पर बौद्ध धर्म का प्रभाव सीमित बताया गया है।
  • (C) केवल सूफ़ी आंदोलन कहना बहुत सीमित होगा, क्योंकि राजस्थान की कीर्तन-भजन परंपरा भक्ति संतों और भक्ति-गायन से जुड़ी है, जबकि यहाँ सूफ़ी परंपरा का संबंध कव्वाली से है।
  • (D) आर्य समाज सही उत्तर नहीं है, क्योंकि वह बहुत बाद में आया और मीरा बाई, दादू दयाल व पीपा जैसे संतों से जुड़ी कीर्तन-भजन परंपरा के प्रसार की व्याख्या नहीं करता।

अवधारणा

यह प्रश्न मध्यकालीन सांस्कृतिक इतिहास में राजस्थान की संत-परंपरा को जाँचता है, खासकर इस बात को कि भक्ति आंदोलनों ने जनसामान्य की धार्मिक परंपराओं और लोक-भक्ति संगीत को कैसे आकार दिया। RAS में यह विषय बार-बार आता है, क्योंकि प्रश्नों में संत आंदोलनों और स्थानीय बोलियों के साहित्य को इतिहास, कला और संस्कृति से जोड़कर पूछा जाता है।

स्रोत

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