RAS प्रश्न
केसरियाजी मेला किस जैन तीर्थ केंद्र में होता है?
सही उत्तर: (B) ऋषभदेव (धूलेव), उदयपुर।
केसरियाजी मेला उदयपुर जिले के धूलेव स्थित ऋषभदेव जैन तीर्थ केंद्र में होता है।
व्याख्या
केसरियाजी मेले का संबंध ऋषभदेव मंदिर से है, जिसे मंदिर श्री ऋषभदेव जी भी कहा जाता है। यह मंदिर ऋषभदेवजी, ग्राम धूलेव, जिला उदयपुर में स्थित है, इसलिए विकल्प B सही बैठता है। मंदिर में पूजित देव भगवान ऋषभदेव हैं, जिन्हें जैन परंपरा में पहले तीर्थंकर के रूप में जाना जाता है। आदिनाथ की केसर लगी प्रतिमा और जैन व भील भक्तों की पूजा के कारण यह तीर्थ विशेष महत्व रखता है; मंदिर की परंपराओं में केसर का प्रचुर प्रयोग और केसर पूजा प्रमुख है। चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को ऋषभदेवजी की जयंती मनाई जाती है और इसी अवसर पर मेला भी लगता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) दिलवाड़ा, माउंट आबू जैन मंदिर-समूह के रूप में अलग स्थान है; केसरियाजी मेले का स्थान ऋषभदेवजी, ग्राम धूलेव, उदयपुर है।
- (C) रणकपुर, पाली अलग जैन तीर्थ है; केसरियाजी मेला ऋषभदेवजी मंदिर, धूलेव में लगता है।
- (D) नाकोड़ाजी, बाड़मेर अलग तीर्थ-स्थान है; केसरियाजी नाम यहां ऋषभदेव मंदिर की केसर-परंपरा और धूलेव स्थित मेले से जुड़ता है।
अवधारणा
राजस्थान के धार्मिक मेलों और जैन तीर्थ-स्थलों की स्थान-पहचान RAS तैयारी में महत्वपूर्ण है। ऐसे तथ्य बार-बार पूछे जाते हैं क्योंकि मेले, लोक-आस्था और क्षेत्रीय भूगोल को एक साथ याद रखना पड़ता है।
