RAS प्रश्न
केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान (भरतपुर पक्षी अभयारण्य) को यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में कब शामिल किया गया?
सही उत्तर: (C) 1985।
केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान, जिसे भरतपुर पक्षी अभयारण्य भी कहा जाता है, 1985 में यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था।
व्याख्या
केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान की पहचान उसके विश्व धरोहर-वर्ष से जुड़ी है। यह स्थान 1956 में पक्षी अभयारण्य बना, 1982 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित हुआ और 1985 में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्य हुआ। इसलिए 1985 वाला विकल्प सही है। इसी वर्ष की मान्यता के कारण यह भारत के शुरुआती प्राकृतिक विश्व धरोहर स्थलों में गिना गया। इसका महत्व तारीख तक सीमित नहीं है; यह विश्व के महत्वपूर्ण पक्षी प्रजनन और भोजन क्षेत्रों में से एक माना जाता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) 2010 गलत है, क्योंकि केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान को यूनेस्को विश्व धरोहर मान्यता 1985 में मिली थी।
- (B) 1990 सही नहीं है, क्योंकि पक्षी अभयारण्य, राष्ट्रीय उद्यान और विश्व धरोहर की क्रमवार स्थिति में विश्व धरोहर-वर्ष 1985 है।
- (D) 2000 गलत है, क्योंकि इस स्थल की यूनेस्को विश्व धरोहर मान्यता 1985 से जुड़ी है, 2000 से नहीं।
अवधारणा
राजस्थान के प्राकृतिक धरोहर स्थलों और अंतरराष्ट्रीय मान्यताओं में तथ्यात्मक मिलान जरूरी है। RAS में ऐसे तथ्य इसलिए पूछे जाते हैं क्योंकि भरतपुर का यह स्थल राजस्थान की पर्यावरणीय विरासत और धरोहर-स्थिति, दोनों से जुड़ा प्रमुख उदाहरण है।
