RAS प्रश्न
राजस्थान की कठपुतली परंपरा मुख्य रूप से किस समुदाय से जुड़ी है?
सही उत्तर: (B) भाट समुदाय।
राजस्थान की कठपुतली परंपरा मुख्य रूप से भाट समुदाय, जिसे नट भाट भी कहा जाता है, से जुड़ी है।
व्याख्या
कठपुतली राजस्थान की तार कठपुतली परंपरा है, जिसका जन्मस्थान नागौर माना जाता है। राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय के नमूने में समुदाय/जनजाति के रूप में भाट दर्ज है, और कठपुतलियां राजस्थान के भाट समुदाय द्वारा बनाई और प्रस्तुत की जाती थीं। ये कठपुतलियां लकड़ी और कपड़े से बनती हैं, इनके पैर नहीं होते और उंगलियों से जुड़े तारों से इन्हें चलाया जाता है। इसलिए समुदाय की पहचान केंद्रीय बिंदु है: कला की भौतिक बनावट या कथा-विषय नहीं, बल्कि उसे परंपरागत रूप से निभाने वाला समुदाय महत्वपूर्ण है। अमर सिंह राठौड़ और अन्य राजपूत वीरों की कथाएं भी इसी प्रस्तुति-परंपरा से जुड़ी हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) मांगणियार समुदाय लोकसंगीत के लिए जाना जाता है; कठपुतली परंपरा भाट समुदाय से जुड़ी है, मांगणियार से नहीं।
- (C) मेघवाल कारीगरों की पहचान कढ़ाई और चमड़े के शिल्प से जुड़ी है, जबकि कठपुतली परंपरा भाट समुदाय द्वारा बनाई और प्रस्तुत की जाती है।
- (D) कालबेलिया समुदाय सांप पकड़ने की परंपरा और कालबेलिया नृत्य से जुड़ा है, जबकि कठपुतली की तार-नियंत्रित लोक-नाट्य परंपरा भाट समुदाय से संबंधित है।
अवधारणा
यह प्रश्न राजस्थान की लोक-कलाओं में समुदाय-आधारित परंपराओं की पहचान जांचता है। RAS में ऐसी जोड़ियां बार-बार आती हैं क्योंकि कला, क्षेत्र और समुदाय को साथ समझे बिना राजस्थान संस्कृति के तथ्य अधूरे रह जाते हैं।
