RAS प्रश्न
कापड़ द्वारा चित्रकारी परंपरा किस मंदिर में है:
सही उत्तर: (B) श्रीनाथजी मंदिर, नाथद्वारा।
कापड़ द्वारा चित्रकारी परंपरा श्रीनाथजी मंदिर, नाथद्वारा से जुड़ी है, जहां पिछवाई श्रीनाथजी को समर्पित चित्रित कपड़े के रूप में मानी जाती है।
व्याख्या
कपड़े पर बनने वाली पिछवाई परंपरा नाथद्वारा के श्रीनाथजी मंदिर से जुड़ी है। कपड़द्वार वह कपड़े का परदा है जिसके पीछे श्रीनाथजी की मूर्ति रखी जाती है और जिसे दिन में कई बार बदला जाता है। राजस्थान पर्यटन में पिछवाई को श्रीनाथजी की छवि दिखाने वाली परिष्कृत कला बताया गया है, जिसका संबंध नाथद्वारा मंदिर से जोड़ा गया है। पिछवाई चित्र देवता को अर्पण माने जाते हैं और नाथद्वारा से ही विशेष रूप से जुड़े हैं। इसलिए विकल्प B सही है, क्योंकि कापड़ द्वारा या पिछवाई परंपरा का मंदिर-संदर्भ श्रीनाथजी मंदिर, नाथद्वारा है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) करणी माता मंदिर, देशनोक के साथ कपड़द्वार या पिछवाई चित्रकारी परंपरा नहीं जोड़ी जाती।
- (C) ब्रह्मा मंदिर, पुष्कर का संबंध श्रीनाथजी-केंद्रित पिछवाई या कपड़े के परदे वाली परंपरा से नहीं है।
- (D) दिलवाड़ा मंदिर जैन मंदिरों के रूप में जाने जाते हैं; इनके साथ श्रीनाथजी की पिछवाई या कपड़द्वार चित्रकारी परंपरा नहीं आती।
अवधारणा
राजस्थान की मंदिर-आधारित चित्रकला और लोक-धार्मिक कला परंपराओं में स्थान, कला-शैली और धार्मिक संदर्भ साथ-साथ याद रखने होते हैं। RAS में ऐसी परंपराएं बार-बार पूछी जाती हैं क्योंकि कला-शैली, स्थान और धार्मिक संदर्भ को साथ याद रखना पड़ता है।
