RAS प्रश्न
अशोक के कलिंग शिलालेख (पृथक शिलालेख I और II) किन दो स्थानों पर पाए गए हैं?
सही उत्तर: (C) धौली और जौगड़।
अशोक के कलिंग के पृथक शिलालेख I और II धौली और जौगड़ में पाए गए हैं।
व्याख्या
कलिंग के पृथक शिलालेखों की पहचान में स्थान सबसे निर्णायक संकेत है। ये दो शिलालेख धौली और जौगड़, दोनों ओडिशा में, पाए गए हैं। कलिंग विजय के बाद अशोक ने शांति और अहिंसा के मूल्य अपनाए, और धौली व जौगड़ में अशोक के शिलालेख मिलते हैं। इसी कारण धौली-जौगड़ की जोड़ी सही बैठती है। ये शिलालेख मुख्य शृंखला के XI, XII और XIII के स्थान पर आते हैं और कलिंग-विजय के बाद प्रशासन से जुड़ी बात रखते हैं, इसलिए वे अशोक के पश्चाताप से जोड़े जाते हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) मास्की और ब्रह्मगिरि कलिंग के पृथक शिलालेखों की जोड़ी नहीं हैं; ये लघु शिलालेखों से जुड़े हैं।
- (B) सांची और सारनाथ सही नहीं हैं, क्योंकि ये स्तंभ शिलालेखों से जुड़े हैं, कलिंग के पृथक शिलालेखों से नहीं।
- (D) गिरनार और शाहबाजगढ़ी कलिंग के पृथक शिलालेखों के स्थल नहीं हैं; ये 14 प्रमुख शिलालेखों से जुड़े हैं।
अवधारणा
मौर्यकालीन शिलालेखों में स्थान-आधारित वर्गीकरण महत्त्वपूर्ण है। RAS में ऐसे तथ्य इसलिए महत्त्वपूर्ण हैं, क्योंकि एक जैसे दिखने वाले अशोक-शिलालेखों में सही स्थल और सही शिलालेख-प्रकार अलग करना पड़ता है।
