RAS प्रश्न
कछवाहा राजपूत, जिन्होंने जयपुर की स्थापना की, किस वंश से संबंधित हैं?
सही उत्तर: (B) सूर्यवंश (सूर्य वंश)।
जयपुर की स्थापना से जुड़े कछवाहा राजपूत सूर्यवंश से संबंधित माने जाते हैं, क्योंकि वे अपनी वंश-परंपरा भगवान राम के पुत्र कुश से जोड़ते हैं।
व्याख्या
कछवाहा राजपूतों के लिए सही वंश सूर्यवंश है। कछवाहा राजपूत कुल स्वयं को कुश का वंशज मानता है और इसी कारण उसे सूर्यवंशी परंपरा से जोड़ा जाता है। कछवाहा अपनी उत्पत्ति भगवान राम के पुत्र कुश से मानते हैं। इसलिए यहां पहचान किसी सामान्य राजपूत उपाधि की नहीं, बल्कि दावे की गई वंश-परंपरा की है। इसी कुल का प्रारंभिक केंद्र आमेर था; बाद में महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय ने 1727 में जयपुर बसाया। राजा भारमल के 1562 के मुगल वैवाहिक संबंधों के कारण यह कुल राजस्थान इतिहास में बार-बार आता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) अग्निवंश कछवाहा पहचान से मेल नहीं खाता, क्योंकि यह चौहान, परमार, सोलंकी और प्रतिहार जैसे कुलों से जोड़ा गया है।
- (C) नागवंश कछवाहा कुल की बताई गई वंश-परंपरा नहीं है; कछवाहा अपने को कुश के माध्यम से सूर्यवंश से जोड़ते हैं।
- (D) चंद्रवंश गलत है, क्योंकि कछवाहा दावा भगवान राम के पुत्र कुश के जरिए सूर्यवंश से जुड़ता है।
अवधारणा
राजस्थान इतिहास में राजपूत कुलों की वंश-परंपरा और आमेर-जयपुर राज्य की पहचान महत्वपूर्ण है। RAS में यह प्रसंग इसलिए दोहराया जाता है क्योंकि जयपुर, आमेर और मुगल संबंधों के प्रसंग में कछवाहा कुल लगातार आता है।
