RAS प्रश्न
रुद्रदामन प्रथम का जूनागढ़ शिलालेख महत्वपूर्ण है क्योंकि यह:
सही उत्तर: (A) शुद्ध संस्कृत में पहला लंबा शिलालेख।
रुद्रदामन प्रथम का जूनागढ़ शिलालेख शास्त्रीय संस्कृत में उपलब्ध पहला लंबा शिलालेख माना जाता है।
व्याख्या
जूनागढ़ शिलालेख, जिसे रुद्रदामन प्रथम से जोड़ा जाता है, लगभग 150 ई. का अभिलेख है और इसका मुख्य महत्व भाषा-इतिहास में है: यह शास्त्रीय संस्कृत में उपलब्ध पहला लंबा शिलालेख माना जाता है। इसे लगभग मानक संस्कृत में सुरक्षित पहला लंबा अभिलेख भी माना जाता है। इसी कारण विकल्प A सही है। यह शिलालेख केवल भाषा का उदाहरण नहीं है; इसमें सुदर्शन झील की मरम्मत का भी उल्लेख मिलता है। यह झील मूल रूप से चंद्रगुप्त मौर्य के समय बनी थी, और रुद्रदामन के अभिलेख में उसके सुधार की बात दर्ज है। इसलिए इसकी ऐतिहासिक पहचान कलिंग युद्ध, नालंदा या बौद्ध दर्शन से नहीं, बल्कि संस्कृत अभिलेख परंपरा से जुड़ी है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) कलिंग युद्ध का उल्लेख अशोक के तेरहवें शिलालेख से जुड़ा है, जबकि जूनागढ़ शिलालेख की पहचान रुद्रदामन और संस्कृत अभिलेख-परंपरा से है।
- (C) नालंदा की स्थापना गुप्त काल से संबंधित मानी जाती है, इसलिए उसे 150 ई. के रुद्रदामन के जूनागढ़ शिलालेख से जोड़ना कालक्रम की गलती है।
- (D) यह अभिलेख बौद्ध दर्शन समझाने के लिए नहीं है; इसका महत्व संस्कृत शिलालेख और सुदर्शन झील की मरम्मत से जुड़ा है।
अवधारणा
प्राचीन भारत के अभिलेखों और भाषा-परंपरा की पहचान RAS के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे तथ्य बार-बार पूछे जाते हैं क्योंकि शिलालेखों से राजवंश, कालक्रम और प्रशासनिक कार्यों की ठोस जानकारी मिलती है।
