RAS प्रश्न
राजस्थान में 'जौहर' परंपरा किसके द्वारा की जाती थी?
सही उत्तर: (D) बंदी बनने से बचने के लिए महिलाओं का आत्मदाह।
राजस्थान की जौहर परंपरा में घिरे किले या नगर की महिलाएँ बंदी बनने और अपमान से बचने के लिए सामूहिक आत्मदाह करती थीं।
व्याख्या
जौहर राजपूत परंपरा में उस स्थिति से जुड़ा था जब किला या नगर घिर जाता था और शत्रु के विरुद्ध टिके रहना संभव नहीं माना जाता था। Britannica के अनुसार ऐसे समय महिलाओं द्वारा सामूहिक आत्मदाह किया जाता था, क्योंकि उस संकट में मृत्यु को अपमानजनक बंदी जीवन से बचने का रास्ता माना गया। इसलिए विकल्प D सही है: जौहर पुरुषों के युद्ध में जाने का नाम नहीं था, बल्कि महिलाओं का सामूहिक आत्मदाह था। इसके बाद बचे हुए लड़ाकू पुरुष अंतिम बार युद्धभूमि में जाते और मृत्यु तक लड़ते थे; इसी पुरुष-कृत्य को शाका कहा जाता था। इसलिए जौहर और शाका जुड़े हुए हैं, पर दोनों एक ही क्रिया नहीं हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) पुरुष और महिलाएँ दोनों एक साथ जौहर नहीं करते थे; महिलाओं का आत्मदाह जौहर था और पुरुषों का अंतिम युद्ध शाका था।
- (B) पुरुषों का युद्ध में जाकर मृत्यु तक लड़ना शाका कहलाता था, जबकि जौहर महिलाओं के सामूहिक आत्मदाह से संबंधित था।
- (C) जौहर केवल रानियों तक सीमित नहीं था; घिरे किले या नगर की महिलाएँ सामूहिक आत्मदाह करती थीं।
अवधारणा
यह विषय राजस्थान के मध्यकालीन राजपूत समाज, युद्ध-परिस्थिति और जौहर-शाका जैसी परंपराओं की समझ से जुड़ा है। RAS में यह इसलिए दोहरता है क्योंकि राजस्थान इतिहास में राजपूत किले, युद्ध-संस्कृति और सामाजिक परंपराएँ स्थायी परीक्षा-विषय हैं।
