RAS प्रश्न
जयपुर की यूनेस्को विश्व धरोहर वेधशाला 'जंतर-मंतर' का निर्माण किस शासक ने कराया था?
सही उत्तर: (A) महाराजा सवाई जय सिंह II (1734 में)।
जयपुर की जंतर-मंतर वेधशाला का निर्माण महाराजा सवाई जय सिंह II ने 1734 में कराया था।
व्याख्या
राजस्थान पर्यटन के आधिकारिक पृष्ठ के अनुसार जयपुर नगर के संस्थापक महाराजा सवाई जय सिंह II ने जंतर-मंतर बनवाया और इसका काम 1734 में पूरा हुआ। यह सामान्य महल या किला नहीं, बल्कि खगोलीय अवलोकन के लिए बनी वेधशाला है। जंतर-मंतर 19 खगोलीय यंत्रों का समूह है, जिनसे आकाशीय पिंडों की स्थिति देखने और स्थानीय समय समझने में मदद मिलती थी। यह स्थल UNESCO विश्व धरोहर स्थल है और सम्राट यंत्र विश्व की सबसे बड़ी पत्थर की धूपघड़ी माना जाता है। इसलिए शासक, समय और खगोलीय उद्देश्य तीनों संकेत विकल्प A को ही सही ठहराते हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) महाराजा मान सिंह I 16वीं सदी से जुड़े शासक थे, जबकि जंतर-मंतर 18वीं सदी में, 1734 में पूरा हुआ।
- (C) मुगल सम्राट अकबर को इस वेधशाला के निर्माण से नहीं जोड़ा गया है; राजस्थान पर्यटन विभाग निर्माण का श्रेय सवाई जय सिंह II को देता है।
- (D) महाराणा प्रताप मेवाड़ से जुड़े शासक थे, जयपुर के जंतर-मंतर के निर्माता नहीं।
अवधारणा
राजस्थान के स्थापत्य और वैज्ञानिक विरासत में जंतर-मंतर महत्वपूर्ण स्थल है। RAS में ऐसे स्थल बार-बार आते हैं, क्योंकि एक ही तथ्य में शासक, काल और सांस्कृतिक महत्व तीनों जुड़ जाते हैं।
