RAS प्रश्न
जयपुर शहर को वास्तुकार विद्याधर भट्टाचार्य ने किस प्राचीन ग्रंथ के सिद्धांतों पर डिज़ाइन किया?
सही उत्तर: (B) शिल्प शास्त्र (और वास्तु शास्त्र)।
जयपुर शहर की नगर-योजना वास्तुकार विद्याधर भट्टाचार्य ने शिल्प शास्त्र और वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों के आधार पर बनाई थी।
व्याख्या
जयपुर की स्थापना 1727 में हुई थी और इसकी नगर-योजना बंगाल के वास्तुकार विद्याधर भट्टाचार्य से जुड़ी है। जयपुर नगर निगम के अनुसार, जय सिंह की स्वीकृति से विद्याधर भट्टाचार्य ने शहर को मजबूत वैज्ञानिक सिद्धांतों पर बसाया और उसे शिल्प शास्त्र, यानी प्राचीन वास्तु-निर्माण ग्रंथ, के अनुरूप रखा। इसी आधार पर जालीनुमा विन्यास, चौड़ी सड़कें, व्यवस्थित क्षेत्र और समान ऊँचाई की इमारतें समझ में आती हैं। जयपुर की नगर-रचना का आधार अर्थशास्त्र, मनुस्मृति या नाट्यशास्त्र नहीं, बल्कि शिल्प शास्त्र और वास्तु शास्त्र की परंपरा है। यही कारण है कि जयपुर को भारत के शुरुआती नियोजित शहरों में गिना जाता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) अर्थशास्त्र राज्य-व्यवस्था और शासन से जुड़ा ग्रंथ है; जयपुर की नगर-रचना का आधार शिल्प शास्त्र और वास्तु शास्त्र है।
- (C) मनुस्मृति सामाजिक नियमों से जुड़ी है, जबकि जयपुर की नगर-योजना स्थापत्य और नगरीय सिद्धांतों पर आधारित है।
- (D) नाट्यशास्त्र प्रदर्शन कलाओं से संबंधित है; जयपुर की योजना शिल्प शास्त्र और वास्तु शास्त्र की परंपरा से जुड़ी है।
अवधारणा
राजस्थान इतिहास और कला-संस्कृति में जयपुर की नियोजित नगरीय रचना तथा स्थापत्य परंपरा महत्वपूर्ण विषय हैं। RAS में जयपुर की स्थापना, विद्याधर भट्टाचार्य और शिल्प-वास्तु सिद्धांत बार-बार इसलिए आते हैं क्योंकि ये राजस्थान की शहरी विरासत को सीधे समझाते हैं।
