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RAS प्रश्न

मेहरौली का लौह स्तंभ शिलालेख राजा की विजयों का उल्लेख करता है:

सही उत्तर: (C) वंग (बंगाल) और शत्रुओं के संघ को हराना।

मेहरौली के लौह स्तंभ शिलालेख में राजा चंद्र की विजयों में वंग और शत्रुओं के संघ को हराने का उल्लेख है।

  1. (A)

    केवल मध्य एशिया

  2. (B)

    केवल दक्षिण-पूर्व एशिया

  3. (C)

    वंग (बंगाल) और शत्रुओं के संघ को हराना

  4. (D)

    केवल दक्षिण भारत

व्याख्या

मेहरौली के लौह स्तंभ शिलालेख में राजा ‘चंद्र’ की कीर्ति सीधे युद्ध-विजयों से जुड़ी है। वंग में आए हुए शत्रुओं के विरुद्ध युद्ध और युद्ध में सिंधु के 7 मुख पार कर वाह्लिकों पर विजय उसकी सैन्य सफलताएँ थीं। इसलिए विकल्प C सही है, क्योंकि राजा चंद्र ने वंग और शत्रुओं के संघ को हराया। इस ‘चंद्र’ की पहचान चंद्रगुप्त द्वितीय से की जाती है। वे वैष्णव थे और उन्होंने विष्णु का ध्वज, यानी विष्णुध्वज, स्थापित किया।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) केवल मध्य एशिया कहना अधूरा है, क्योंकि वंग और शत्रुओं से युद्ध भी राजा चंद्र की विजयों से जुड़े हैं।
  • (B) केवल दक्षिण-पूर्व एशिया सही नहीं है, क्योंकि राजा चंद्र की विजय वंग, सिंधु के 7 मुख और वाह्लिकों से जुड़ी है, दक्षिण-पूर्व एशिया से नहीं।
  • (D) केवल दक्षिण भारत कहना गलत है, क्योंकि राजा चंद्र की मुख्य विजय वंग, सिंधु पार करने और वाह्लिकों को जीतने से जुड़ी है।

अवधारणा

गुप्तकालीन शिलालेखीय साक्ष्य से राजा की विजय-दिशा पहचानी जाती है। RAS की तैयारी में छोटी शिलालेखीय पंक्तियों से राजवंश, क्षेत्र और धार्मिक संकेत तीनों निकाले जाते हैं।

स्रोत

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