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RAS प्रश्न

महरौली (दिल्ली) का लौह स्तंभ किस गुप्त शासक को समर्पित है?

सही उत्तर: (A) चन्द्रगुप्त द्वितीय।

महरौली, दिल्ली का लौह स्तंभ गुप्त शासक चन्द्रगुप्त द्वितीय, जिन्हें विक्रमादित्य भी कहा जाता है, से जोड़ा जाता है।

  1. (A)

    चन्द्रगुप्त द्वितीय

  2. (B)

    स्कंदगुप्त

  3. (C)

    कुमारगुप्त

  4. (D)

    समुद्रगुप्त

व्याख्या

महरौली का लौह स्तंभ चन्द्रगुप्त द्वितीय से संबद्ध है, क्योंकि उससे जुड़े संस्कृत शिलालेख में ‘चंद्र’ नामक राजा का उल्लेख मिलता है। इसी ‘चंद्र’ की पहचान चन्द्रगुप्त द्वितीय विक्रमादित्य से की जाती है। Britannica भी चन्द्रगुप्त द्वितीय को उत्तरी भारत का शक्तिशाली गुप्त सम्राट बताती है और कहती है कि दिल्ली की कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद के लौह स्तंभ पर संस्कृत अभिलेख में प्रशंसित राजा चंद्र लगभग निश्चित रूप से वही हैं। इसलिए यह पहचान किसी सामान्य गुप्त शासक से नहीं, बल्कि अभिलेखीय नाम ‘चंद्र’ और चन्द्रगुप्त द्वितीय के मेल से तय होती है। स्तंभ का 1600 से अधिक वर्षों तक खड़ा रहना और उसकी जंग-रोधी बनावट इसे और उल्लेखनीय बनाती है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (B) स्कंदगुप्त को हूण आक्रमणों का सामना करने के लिए जाना जाता है, जबकि महरौली लौह स्तंभ की पहचान ‘चंद्र’ नामक संस्कृत अभिलेख से जुड़ी है।
  • (C) कुमारगुप्त का संबंध नालंदा की स्थापना से बताया जाता है, पर महरौली लौह स्तंभ के अभिलेख में जिस ‘चंद्र’ की पहचान की जाती है वह कुमारगुप्त नहीं है।
  • (D) समुद्रगुप्त चन्द्रगुप्त द्वितीय के पिता थे, लेकिन स्तंभ के संस्कृत अभिलेख में उल्लिखित ‘चंद्र’ की पहचान चन्द्रगुप्त द्वितीय से की गई है।

अवधारणा

प्राचीन भारतीय इतिहास में गुप्तकालीन अभिलेखों और शासकों की पहचान महत्वपूर्ण विषय है। RAS में अभिलेख, राजवंश और स्मारक-आधारित पहचान बार-बार पूछी जाती है, क्योंकि इनमें सीधे तथ्य और स्रोत-समझ दोनों की जरूरत होती है।

स्रोत

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