RAS प्रश्न
दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (IBC) कब अधिनियमित की गई:
सही उत्तर: (A) 2016।
दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता 2016 में अधिनियमित की गई थी।
व्याख्या
दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता, 2016 कंपनियों और व्यक्तियों के दिवाला मामलों को तय समय में सुलझाने की प्रक्रिया देती है। India Code पर उपलब्ध आधिकारिक अधिनियम में यह 2016 की संहिता और 2016 का अधिनियम संख्या 31 है। इसका उद्देश्य दिवाला और पुनर्गठन से जुड़े कानूनों को एक साथ लाकर और उनमें बदलाव करके एक साफ व्यवस्था बनाना था। कंपनी मामलों में राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण निर्णय देने वाली संस्था है। समाधान प्रक्रिया 330 दिनों के भीतर पूरी होनी चाहिए। इसलिए अधिनियमन-वर्ष 2016 ही सही है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) 2015 गलत है, क्योंकि आधिकारिक अधिनियम में यह संहिता 2016 की संहिता और 2016 का अधिनियम संख्या 31 है।
- (C) 2017 गलत है, क्योंकि संहिता बाद में अधिनियमित नहीं हुई; आधिकारिक अभिलेख में इसका वर्ष 2016 है।
- (D) 2014 गलत है, क्योंकि इस संहिता का अधिनियमन-वर्ष 2016 है, 2014 नहीं।
अवधारणा
यह मुद्दा भारतीय अर्थव्यवस्था में दिवाला-समाधान और कंपनियों से जुड़े कानूनी ढांचे की बुनियादी समझ से जुड़ा है। RAS में ऐसे प्रश्न आर्थिक सुधारों और संस्थागत व्यवस्था के सीधे तथ्य पूछने के लिए बार-बार आते हैं।
