RAS प्रश्न
सिंधु घाटी सभ्यता की नगर योजना की मुख्य विशेषता क्या थी?
सही उत्तर: (D) समकोण पर कटती सड़कों वाली ग्रिड पद्धति।
सिंधु घाटी सभ्यता की नगर योजना की मुख्य पहचान सड़कें समकोण पर काटती हुई ग्रिड पद्धति थी।
व्याख्या
सिंधु घाटी सभ्यता के नगरों में योजना का संकेत सबसे साफ सड़कों और नालियों की व्यवस्था से मिलता है। एनसीईआरटी के अनुसार मोहनजोदड़ो के निचले नगर में सड़कें और गलियां लगभग ग्रिड पद्धति में बिछी थीं और वे समकोण पर एक-दूसरे को काटती थीं। पहले नालियों वाली सड़कें बनाई गईं और फिर उनके किनारे घर बने, ताकि घरेलू अपशिष्ट जल सड़क की नालियों में जा सके। इसलिए यह बसावट बेतरतीब नहीं थी। गढ़ी यानी ऊपरी नगर और निचले नगर का विभाजन तथा ढकी नालियों वाली उन्नत जल निकासी इसी नियोजित शहरी सोच को मजबूत करते हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) घरों की वृत्ताकार व्यवस्था सिंधु घाटी सभ्यता की नगर योजना की मुख्य विशेषता नहीं है। नगर-योजना की पहचान सड़कों और गलियों के लगभग ग्रिड पद्धति में समकोण पर काटने से जुड़ी है।
- (B) तारे के आकार का किला-विन्यास सिंधु घाटी की नगर योजना की विशेषता नहीं माना जाता। सिंधु नगरों में गढ़ी और निचले नगर के साथ ग्रिड जैसी सड़क-योजना महत्त्वपूर्ण है।
- (C) बिना योजना की बेतरतीब बसावट कहना उलटा है, क्योंकि सड़कें, गलियां और नालियां पहले से नियोजित ढंग से बिछी थीं।
अवधारणा
प्राचीन भारत में हड़प्पा सभ्यता की शहरी योजना और जल निकासी व्यवस्था की समझ जरूरी है। आरएएस में यह बार-बार आता है क्योंकि इससे सभ्यता के संगठन, नगर-निर्माण और पुरातात्त्विक प्रमाणों को साथ पढ़ना पड़ता है।
