RAS प्रश्न
जनवरी 2026 में लागू हुए भारत-ओमान व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) के तहत भारत से ओमान को निर्यात होने वाले कितने प्रतिशत सामान को शुल्क-मुक्त प्रवेश मिलता है?
सही उत्तर: (A) 98%।
जनवरी 2026 में लागू भारत-ओमान CEPA के तहत भारत को ओमान में 98.08% टैरिफ लाइनों पर 100% शुल्क-मुक्त बाजार पहुँच मिलती है।
व्याख्या
भारत-ओमान CEPA में भारत के निर्यातकों को ओमान के बाजार में 98.08% टैरिफ लाइनों पर 100% शुल्क-मुक्त पहुँच दी गई है, इसलिए विकल्प A का 98% सही बैठता है। पत्र सूचना कार्यालय के अनुसार यह पहुँच भारत के व्यापार मूल्य के 99.38% हिस्से को कवर करती है। यानी प्रश्न में पूछा गया प्रतिशत कोई सामान्य व्यापार-लक्ष्य नहीं, बल्कि ओमान की टैरिफ लाइनों पर मिलने वाली वास्तविक शुल्क-मुक्त बाजार पहुँच है। पहले की MFN व्यवस्था में भारत के निर्यात मूल्य का केवल 15.33% और टैरिफ लाइनों का 11.34% हिस्सा शून्य शुल्क पर ओमान में जाता था। यही अंतर CEPA को भारतीय निर्यातकों के लिए महत्वपूर्ण बनाता है। समझौता 127 सेवा उप-क्षेत्रों को भी कवर करता है और भारत-ओमान द्विपक्षीय व्यापार $10.61 अरब बताया गया है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) 85% इसलिए गलत है, क्योंकि आधिकारिक स्रोत भारत के लिए शुल्क-मुक्त पहुँच 98.08% टैरिफ लाइनों पर बताता है, 85% पर नहीं।
- (C) 90% इसलिए गलत है, क्योंकि समझौते में कवर की गई टैरिफ लाइनों का समर्थित आँकड़ा 98.08% है और वही 98% विकल्प से मेल खाता है।
- (D) 75% इसलिए गलत है, क्योंकि यह पत्र सूचना कार्यालय में दिए गए 98.08% शुल्क-मुक्त बाजार-पहुँच आँकड़े से काफी कम है।
अवधारणा
यह प्रश्न अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों में शुल्क-मुक्त बाजार पहुँच और टैरिफ लाइनों की समझ जाँचता है। RAS में ऐसे तथ्य बार-बार आते हैं, क्योंकि वे भारतीय अर्थव्यवस्था, निर्यात प्रतिस्पर्धा और द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को सीधे जोड़ते हैं।
