RAS प्रश्न
श्रीनाथजी की मूर्ति को मथुरा से नाथद्वारा किसके शासनकाल में लाया गया?
सही उत्तर: (B) महाराणा राज सिंह।
श्रीनाथजी की मूर्ति को मथुरा क्षेत्र से नाथद्वारा महाराणा राज सिंह के शासनकाल में लाया और स्थापित किया गया।
व्याख्या
महाराणा राज सिंह का शासनकाल 1652-1680 था, और इसी दौर में श्रीनाथजी की मूर्ति को मथुरा क्षेत्र से मेवाड़ में आश्रय मिला। राजस्थान पर्यटन विभाग के राजसमंद पेज के अनुसार, औरंगज़ेब के समय वृंदावन-गोवर्धन क्षेत्र में हिंदू मंदिरों को तोड़े जाने के खतरे के बीच श्रीनाथजी की मूर्ति को सुरक्षित स्थान की तलाश में निकाला गया। कई शासक संकोच में रहे, पर मेवाड़ के महाराणा राज सिंह ने आश्रय दिया। मूर्ति की यात्रा लंबी रही और अंत में सिहाड़ में रथ का पहिया रुकने को संकेत माना गया। 1672 में सिहाड़ गांव में नए मंदिर में श्रीनाथजी की स्थापना हुई; यही स्थान आगे नाथद्वारा कहलाया।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) राणा कुम्भा 15वीं सदी के शासक थे, जबकि श्रीनाथजी की स्थापना 1672 में महाराणा राज सिंह के काल से जुड़ी है।
- (C) राणा सांगा 16वीं सदी के शासक थे, इसलिए वे 1672 में नाथद्वारा स्थापना की घटना के शासक नहीं हो सकते।
- (D) महाराणा प्रताप भी 16वीं सदी के शासक थे, जबकि यह घटना औरंगज़ेब के समय महाराणा राज सिंह के शासनकाल में हुई।
अवधारणा
यह प्रश्न मेवाड़ के धार्मिक-सांस्कृतिक संरक्षण और नाथद्वारा की स्थापना से जुड़ा है। RAS में ऐसे तथ्य बार-बार पूछे जाते हैं क्योंकि वे राजस्थान इतिहास, वैष्णव परंपरा और स्थानीय तीर्थ-स्थलों को एक साथ जोड़ते हैं।
